अंबाला। ग्रामीण रूटों पर रोडवेज की बसें नियमित रूप से नहीं चल रही है। इस कारण यात्री परेशान हो रहे हैं और छात्र भी देरी से कॉलेज पहुंच रहे हैं। बराड़ा, नारायणगढ़ और कोड़वा मार्ग पर बसें या तो लेट पहुंच रही है या फिर नियमित नहीं चल रही हैं।
कई बार तो रोडवेज की बसें सप्ताह में दो या तीन दिन ही चलती हैं। करीब छह महीने पहले सपेड़ा, भीलपुरा, साहबपुरा, रतनहेड़ी के छात्रों ने बसे नियमित चलाने के लिए महाप्रबंधक को ज्ञापन भी दिया था। इसके बाद कुछ दिनों तक तो बसें ठीक चली, लेकिन अब दोबारा से बसों की यहीं लेटलतीफी वाली स्थिति बनी है।
इसके अलावा छात्रों का कहना है कि दो तीन महीने पहले वह पूर्व गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री से भी मिले। जिन्होंने आश्वासन दिया कि बस नियमित चलेगी। कुछ समय बस नियमित चली लेकिन अब दोबारा से बस की यही स्थिति बनी हुई है।
संभालखा से ऑटो लेकर पहुंचता है मिठापुर
साहा के गांव संभालखा निवासी साहिल ने बताया कि उसे बस पकडऩे के लिए मिठापुर तक ऑटो से आना पड़ता है। इसके बाद नारायणगढ़ से आ रही बस में वह बैठकर अंबाला छावनी पहुंचता है।
चार दिन से नहीं आ रही है बस
गांव कपूरी निवासी बंटी कुमार ने बताया कि उनके गांव में बस नहीं आती है, गांव से कई छात्र तीन किलोमीटर का सफर तय कर खुड्डा अड्डे तक पहुंचते है। इसके बाद बस से वह काॅलेज पहुंचते है। कई बार या तो बस नहीं आती या फिर बस लेट आती है।
गांव से 15 से 20 छात्र आते हैं कालेज
गांव कपूरी निवासी गौरव ने बताया कि वे बस में नगला, शाहपुरा, रतनहेड़ी, कपूरी, सपहेड़ा और खुड्डा गांव आते हैं। प्रत्येक गांव से करीब 10-15 छात्र बस में सफर करते है कई बार स्थिति यह होती है कि उन्हें लटक कर यात्रा करनी पड़ती है।
समय पर नहीं आती बस
गांव उपलाना निवासी प्रिंस ने बताया कि वह सरकारी नौकरी के लिए पेपर की तैयारी कर रहा है। इसके लिए उसे सुबह लाइब्रेरी में आना पड़ता है लेकिन कई बस समय पर नहीं आती, जिसके कारण वह अधिकतर लेट हो जाता है।
मामला संज्ञान में नहीं है, कोड़वा से अंबाला सिटी आने वाली बस चेक करवाकर जाएगा और बस के लेट आने की भी जांच करवाई जाएगी।
शमशेर सिंह, अड्डा इंचार्ज, अंबाला सिटी।
गांव संभालखा निवासी साहिल
गांव संभालखा निवासी साहिल
गांव संभालखा निवासी साहिल