अंबाला छावनी बस अड्डे पर परेशान होते यात्री बस की इंतजार करते हुए। संवाद।
अंबाला। किसान आंदोलन के चलते यातायात पूरी तरह से चरमरा गया है। इसके कारण पुलिस प्रशासन की ओर से दिल्ली से पंजाब की और जाने वाले मार्ग को डायवर्ट करना पड़ा।
यात्रियों को अपने गंतव्य की ओर जाने में दो से तीन घंटे तक का अधिक समय लग रहा है। वहीं करनाल, इंद्री, पीपली और शाहबाद की सवारियाें को पंचकूला और चंडीगढ़ पहुंचने के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है। जिसके कारण कर्मचारी अपने कार्यालय में दो से तीन घंटे की देरी से पहुंच रहे हैं।
लाडवा निवासी अश्वनी ने बताया कि वह पंचकूला स्थित सरकारी कार्यालय में नौकरी करते हैं। उनकी तरह पंचकूला और चंडीगढ़ में डेढ़ सौ के करीब कर्मचारी विभिन्न विभाग, जिसमें नगर निगम पंचकूला, बिजली बोर्ड, विजिलेंस, पुलिस विभाग और निजी कार्यालयों में नौकरी करते हैं और रोजाना आवाजाही करते हैं। यह सभी कर्मचारी करनाल, इंद्री, पीपली और शाहबाद से हैं। वह सुबह साढ़े छह बजे करनाल की ओर से आने वाली बस लेते हैं। इस बस में अधिकतर सरकारी कर्मचारी और अन्य सवारी होती हैं। इसके बाद यह बस इंद्री से लाडवा, बबैन, शाहबाद से साहा बराड़ा होते हुए माजरी चौक पहुंचती है और वहां से चंडीगढ़ की ओर रवाना हो जाती है। इस दौरान वह और अन्य कर्मचारी दो से ढाई घंटे देरी से कार्यालय पहुंच रहे हैं।
12वें दिन भी पंजाब का रूट बंद रहा। इस कारण पटियाला, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर की ओर एक भी बस नहीं जा रही है। अंबाला डिपो, पीआरटीसी और पंजाब रोडवेज की बसें पूरी तरह से बंद है। इसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।