रेलवे यार्ड में खड़ी बठिंडा-अंबाला गाड़ी के जनरल कोच में अचानक आग लग गई। आग लगने की सूचना रेलवे स्टेशन पर आग की तरह फैल गई। आनन-फानन में अधिकारियों ने जिस डिब्बे में आग लगी उसे दूसरे डिब्बों से अलग कर दिया। इस तरह अधिकारियों और कर्मचारियों की सूझबूझ से दूसरे कोच को आग से बचा लिया गया। हालांकि जिस कोच में आग लगी थी उससे रेलवे को करीब 4-5 लाख रुपये की चपत लगी है। दूसरी तरफ रेलवे ने इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है।
जानकारी के अनुसार अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर वाशिंग के लिए खड़ी भठिंडा-अंबाला पैसेंजर में 27 अक्तूबर को शाम करीब सवा चार बजे आग लग गई। आगजनी के समय ट्रेन के सभी दरवाजे और खिड़कियां बंद थी। जैसे ही आग लगी तो रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि आगजनी का कारण शार्ट सर्किट है। लेकिन सवाल यह है कि खड़ी गाड़ी में शार्ट सर्किट कैसे हुआ?
इसी की पड़ताल के लिए रेलवे ने डीईई, डीएमई, एडीएफओ और असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर आरपीएफ की चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी इस मामले में 10 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी। गौरतलब है कि भठिंडा-अंबाला पैसेंजर रोजाना 5 बजकर 50 मिनट पर भठिंडा से चलती है और इसके अंबाला पहुंचने का समय रात 11 बजकर 10 मिनट है।
रेलवे यार्ड में खड़ी गाड़ी के कोच में आगजनी के कारणों की पड़ताल के लिए हमने चार सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी 10 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी। आगजनी में
करीब 4-5 लाख रुपये का नुकसान आंका जा रहा है।
- पंकज गुप्ता, एडीआरएम।
गाड़ी के सभी कोच बंद थे। वहां पर उस समय कोई नहीं था। इसलिए आगजनी शार्ट-सर्किट से ही मानी जा रही है।
- राम बच्चन, एसएचओ जीआरपी।