संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। हत्या की वारदात को अंजाम देने से कुछ दिन पहले रक्षाबंधन पर बंटी ने अपने दोनों बच्चों को चरखी दादरी स्थित अपने ननिहाल भेज दिया था। कई बार तो बच्चों के सामने ही दोनों में हाथापाई तक की नौबत आ जाती थी।
हिना की मौत के बाद अब बच्चों के सिर पर मां का साया तो उठ ही गया है और पिता पर भी कानून की तलवार लटक रही है। ऐसे में 11 साल बेटे और 9 साल की बेटी के समक्ष संकट पैदा हो गया है। मृतका हिना की मौसेरी बहन ने बताया कि दोनों के बीच इतनी लड़ाइयां हुईं कि एक बार तो वह भी समझौता करने आई। इसके बाद फैसला हो गया था कि दोनों आराम से रहेंगे। उन्होंने बताया कि उन्हें क्या पता था कि जीजा उसकी बहन की जान ले लेगा। बंटी एक स्थानीय फैक्टरी में काम करता था।
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बहन के चीखने की आवाज सुनकर पहुंचा था नन्नू
मृतका के भाई नन्नू ने बताया कि वह बहन हिना घर में ही किराये पर रहता है। रविवार शाम को बहन व जीजा में बहस हो रही थी। जब बहन हिना के चीखने की आवाज आई तो मैं अपने कमरे निकलकर हिना के कमरे में गया तो देखा कि जीजा बहन पर चाकू से वार कर रहा था। बहन इस दौरान जमीन पर खून से लथपथ पड़ी थी। ऐसे में उसने जीजा को रोकने की कोशिश की तो उस पर पर हमला कर दिया। नन्नू ने बताया कि उसे भागकर जान बचाने को मजबूर होना पड़ा।
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परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दिखाया आक्रोश
सोमवार को जब पुलिस मृतका के शव को लेकर सिटी के नागरिक अस्पताल में पहुंची तो पीछे-पीछे परिजन भी पहुंच गए। यहां पर चीखपुकार मच गई। आक्रोशित परिजन आरोपी की गिरफ्तारी पर ही शव उठाने की बात कहने लगे, बाद में पुलिस अधिकारियों के समझाने पर वह मान गए और शव लेकर चले गए।
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15 साल पहले हिना की मां का हुआ था देहांत
मृतका के पिता पंजाब के पटियाला में दिहाड़ी मजदूरी करके अपना और परिवार का गुजर-बसर करते हैं। उन्होंने रोते हुए बताया कि हिना की मां का लगभग 15 साल पहले देहांत हो चुका है।
महिला की मौत के बाद अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल स्थित मोर्चरी के बाहर कार्रवाई करती पुलिस और - फोटो : 1