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Ambala News: करोड़ों की कोठियां, सुविधा में टूटी सड़कें और गंदगी के ढेर

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वार्ड नंबर दो में गंदे पानी की निकासी को लेकर दुकानदार द्वारा किया गया अस्थाई प्रबंध। संवाद - फोटो : स्रोत-सोशल मीडिया।
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अंबाला। छावनी के वार्ड दो डिफेंस काॅलोन, टूंडला सहित अन्य क्षेत्र आते हैं। यहां कुल मतदाता 6145 हैं, जिसमें 3208 पुरुष और 2937 महिला शामिल हैं। इसके बावजूद वार्ड के हालात काफी खराब है।
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इस वार्ड में अधिकतर उन लोगों ने कोठियां बनाई हैं जो सेना या अन्य नौकरियों से सेवानिवृत्त होकर यहां बस गए। यहां लोगों को उम्मीद थी कि कैंट के विस्तार में यह क्षेत्र भी विकसित होगा। मगर वर्तमान में यहां सुविधाओं का अभाव है। यहां कुछ जगह सड़कें हैं तो कुछ जगह कुछ भी नहीं। इसी प्रकार पानी निकासी का सिस्टम नहीं है। पंचायती बाग को डंपिंग जोन बना दिया गया है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे दिखते हैं। इस वार्ड में विकास और सफाई का मुद्दा प्रमुख दिखाई दे रहा है।
आधी-अधूरी सड़कें
वार्ड नंबर दो में डिफेंस कॉलोनी के अलावा टूंडला का भी कुछ हिस्सा शामिल है। इसके अलावा आसपास की कुछ कॉलोनियां भी शामिल हैं। लेकिन सुविधा के नाम पर आधी-अधूरी सड़कें हैं। लोगों का आरोप है कि रसूखदारों के लिए इंटरलॉकिंग टाइल्स से सड़कों का निर्माण कर दिया है लेकिन आमजन से जुड़े रास्ते को कच्चा छोड़ दिया है। यहां होने वाले विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप भी लोगों ने लगाया है।
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गंदगी का धब्बा
स्वच्छता के नाम पर यहां कोई भी प्रबंध नहीं है, जिसका जहां मन किया, वहीं कूड़ा फेंक दिया। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि डिफेंस कॉलोनी की मुख्य सड़क पर पहले कूढ़े का ढेर स्वागत करता है जोकि वार्ड नंबर एक तरफ कलरहेड़ी जाने वाले रास्ते पर कई किलोमीटर तक फैला है लेकिन यहां सफाई के नाम पर कोई भी कार्रवाई नहीं हो रही। लोगों का कहना है कि खुद के खर्च पर प्राइवेट कर्मचारियों की मदद से घर से निकले कूड़े को दूरदराज स्थानों पर फेंकते हैं।
पार्क की दरकार
वार्ड दो डिफेंस कॉलोनी में एक भी पार्क नहीं है। हालांकि एक पार्क का नाम पंचायती बाग है लेकिन यहां मलबा और सीवर पाइप सहित अन्य सामान शोभा बढ़ा रहा है। लोगों का यह भी आरोप है कि पंचायती बाग में सो से अधिक पेड़ लगे थे जोकि विकास के नाम पर काट लिए। लोगों की मांग है कि जिस प्रकार इंदिरा पार्क और सुभाष पार्क का निर्माण किया है। उसी तरह उनके क्षेत्र में भी एक पार्क होना चाहिए।
डिफेंस कॉलोनी का नाम सेना से जुड़ा है। यहां अधिकांश सेना से सेवानिवृत अधिकारी और कर्मचारी रहते हैं। लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं की काफी कमी है।

संदीप।
गंदे पानी की निकासी के लिए कोई प्रबंध नहीं है। घर के आगे ही पानी जमा हो जाता है। दर्जनों शिकायतें देने के बाद भी किसी ने आजतक सुध नहीं ली।

हरिंदरपाल सिंह।
साफ-सफाई का कोई प्रबंध नहीं है। कॉलोनी के चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। खुद के खर्च पर कभी गड्ढे भरवाते हैं तो कभी कूड़ा उठवाते हैं।

राजिंदर सिंह।

डिफेंस कॉलोनी की मुख्य सड़क की हालत बद से बद्दतर है। धूल-मिट्टी से लोगों को अस्थमा हो रहा है। बावजूद इसके नगर परिषद ने सड़क के निर्माण को लेकर अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं की है।
प्रभजोत सिंह पम्मी।
डिफेंस कॉलोनी की समस्याओं को लेकर कई बार नगर परिषद जाकर जानकारी दी गई। लेकिन समस्या का आजतक समाधान नहीं हो पाया। आज भी टूटी सड़कें लोगों की परेशानी का सबब बनी हुई हैं।
जरनैल सिंह, पूर्व पार्षद।

वार्ड नंबर दो में गंदे पानी की निकासी को लेकर दुकानदार द्वारा किया गया अस्थाई प्रबंध। संवाद- फोटो : स्रोत-सोशल मीडिया।

वार्ड नंबर दो में गंदे पानी की निकासी को लेकर दुकानदार द्वारा किया गया अस्थाई प्रबंध। संवाद- फोटो : स्रोत-सोशल मीडिया।

वार्ड नंबर दो में गंदे पानी की निकासी को लेकर दुकानदार द्वारा किया गया अस्थाई प्रबंध। संवाद- फोटो : स्रोत-सोशल मीडिया।

वार्ड नंबर दो में गंदे पानी की निकासी को लेकर दुकानदार द्वारा किया गया अस्थाई प्रबंध। संवाद- फोटो : स्रोत-सोशल मीडिया।

वार्ड नंबर दो में गंदे पानी की निकासी को लेकर दुकानदार द्वारा किया गया अस्थाई प्रबंध। संवाद- फोटो : स्रोत-सोशल मीडिया।

वार्ड नंबर दो में गंदे पानी की निकासी को लेकर दुकानदार द्वारा किया गया अस्थाई प्रबंध। संवाद- फोटो : स्रोत-सोशल मीडिया।

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