संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर बैंक की ओर से कब्जे में ली गई संपत्ति का ताला तोड़कर दोबारा कब्जा ले लिया गया। अधोया गांव में ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की ओर से मकान सील किया गया था।
मकान में कर्जदारों ने न केवल अवैध प्रवेश किया, बल्कि बैंक के नोटिस फाड़कर अधिकारियों को जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने दंपती और उनके 5-10 अन्य साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, तिलक राज और उनकी पत्नी सुनीता देवी ने कंपनी से लोन लिया था। लोन न चुकाने के कारण उनके खाते को एनपीए घोषित कर दिया गया था। इसके बाद रिकवरी की प्रक्रिया शुरू हुई और जिला मजिस्ट्रेट अंबाला के आदेश पर 2 जनवरी 2026 को पुलिस बल की मौजूदगी में बैंक अधिकारियों ने इस रिहायशी मकान का भौतिक कब्जा लिया था। मौके पर कंपनी की सील और कब्जा नोटिस भी चस्पा किए गए थे। कंपनी के अधिकृत अधिकारी सुखविंदर सिंह ने बताया कि 20 जनवरी को जब बैंक की टीम सुरक्षाकर्मी तैनात करने के लिए मौके पर पहुंची तो आरोपी तिलक राज, उसकी पत्नी और करीब 10 अज्ञात ने मकान की सील तोड़ दी थी।