किसान भवन में आयोजित बैठक में जानकारी देते प्रधान दिलबाग बिंझौल। संवाद
पानीपत। भारतीय किसान यूनियन किसानों के मुआवजे और अन्य मांगों के लिए आगे आई है। यूनियन 15 दिसंबर को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर प्रशासन और सरकार को चेताएगी। इसके बाद भी समाधान नहीं किया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। असंध रोड स्थित किसान भवन में इसके लिए शुक्रवार को बैठक की गई। जिसकी अध्यक्षता प्रधान दिलबाग बिंझौल और युवा के प्रधान बिंटू मलिक ने की।
उन्होंने बताया कि जिलाभर के कई हजार किसानों द्वारा 15 दिसंबर को लघु सचिवालय के सामने जीटी रोड फ्लाईओवर के नीचे धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उसके बाद लघु सचिवालय में जाकर उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रधान दिलबाग बिंझौल ने कहा कि इस बार बारिश के मौसम के दौरान प्रदेश में करीब 14.70 लाख एकड़ में किसानों की फसलें बाढ़ व बारिश के पानी से खराब हुई। सरकार ने जिन किसानों की फसलें खराब हुईं। उनको सात से लेकर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की घोषणा की गई पर आज तक किसानों कोई भी मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि भाकियू की सरकार से मांग है कि जिन किसानों की फसलें खराब हुई है। उनको 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। युवा प्रधान बिंटू मलिक ने कहा कि जिला के गन्ना किसानों की 2017-18 के सीजन की उत्तराखंड के इकबालपुर शुगर मिल में करीब 34 करोड़ रुपये की गन्ने की पेमेंट बकाया है। जबकि दोनों ही प्रदेशों हरियाणा व उत्तराखंड में भाजपा की सरकार है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मांग करेंगे कि इकबालपुर शुगर मिल में करीब आठ साल से पानीपत के किसानों की फंसी पेमेंट को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से कहकर दिलाई जाए। इसके अलावा किसानों को सर्दी के मौसम में भी रात को खेतों की बिजली दी जा रही है। सरकार से मांग करते है कि खेतों की बिजली को दिन में दी जाए। जिससे किसानों को अपने धान व अन्य फसलों में पानी देने के लिए परेशानी का सामना ना करना पडे। इस मौके पर उपाध्यक्ष अनिल कुमार, चतुर्भुज बुड़शाम, मनोज जागलान नौल्था, शमशेर पूनिया डिडवाड़ी, मनदीप बिंझौल व विष्णु सहरावत पलड़ी मौजूद रहे।