पानीपत। खुद के बेटे और अपनी ही रिश्तेदारी की तीन मासूम बच्चियों की हत्यारोपी पूनम स्कूल व कॉलेज के समय गुमसुम रहती थी। वह अपने साथ पढ़ने वाली लड़कियों या फिर शिक्षकों के साथ भी ज्यादा बातचीत नहीं करती थी। अब शादी के बाद ज्यादातर अपने परिवार तक सीमित रहती थी। वह सुंदर बच्चों को देखकर उनकी हत्या का फैसला ले लेती थी। पूनम बच्चों को पहले लाड प्यार करती थी और हत्या के बाद परिजनों को मौत का दर्द होने का अहसास भी करा देती थी। ऐसे उस पर कोई शक भी नहीं करता था।
सिवाह गांव की पूनम की शादी सोनीपत के भावड़ गांव के नवीन के साथ मई 2019 में हुई थी। नवीन और पूनम शादी के कुछ साल तक सामान्य रहे। इसके बाद उनके बीच छोटी-छोटी बातों पर विवाद हो जाता था। पूनम की मां सुनीता ने बताया कि पूनम पहले सामान्य रहती थी। उसे देखकर नहीं लगता था कि वह इस तरह की वारदात को अंजाम दे देगी। उन्होंने बताया कि जिया की हत्या का शक पूनम पर जताया था। उस समय परिवार के सदस्यों ने जिया के शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही थी लेकिन कई सदस्यों ने इससे मना कर दिया। उस समय उसने पूनम से खुद भी पूछा था। उसने उनकी और अपने दो साल के बेटे की कसम खा ली। उनको उस पर यकीन भी हो गया था। वे उस समय पोस्टमार्टम करा लेते तो एक बच्ची की जान बच सकती थी।
बच्चों के साथ रहना पसंद करती थी
परिजनों ने बताया कि पूनम बड़ों की अपेक्षा बच्चों के साथ ज्यादा रहना पसंद करती थी। वह बच्चों को प्रलोभन देती थी। कभी उनको पार्क में घुमाने ले जाती थी और कभी उनको चीज खिला देती थी। वह इस तरह उनकी हत्या करने के अवसर में रहती थी। पूनम सिवाह गांव में अपने चचेरे भाई दीपक की बेटी जिया की हत्या करने के लिए उनके घर दो बार सो चुकी थी। उसको एक भी बार मौका नहीं मिला। उससे तीसरी बार में जिया को अपने पास सुलाया और 18 अगस्त की रात को जिया को हौदी में डुबो कर मार दिया।
कक्षा में रहती थी अलग
पूनम ने मनाना गांव स्थित देवीलाल कॉलेज से बीएड की है। प्राचार्य कविता राणा ने बताया कि वैसे इतने बच्चों का नाम और उनकी गतिविधियां ध्यान नहीं रहती, लेकिन पूनम बाकी बच्चों से अलग ही रहती थी। इसलिए उनके बारे में कुछ कुछ याद है। वह कक्षा में अपने विषय और बातों तक सीमित रहती थी। कक्षा के दूसरे विद्यार्थियों से भी ज्यादा बात नहीं करती थी।