अंबाला सिटी। हिसार के उकलाना के बाद सुल्लर गांव में दूसरा बायोगैस प्लांट चलना शुरू हो गया है। अभी इस प्लांट को ट्रॉयल के तौर पर शुरू किया गया है। प्राथमिक चरण में गांव के 62 घरों को कवर किया गया है।
बाद में प्लांट काे ग्राम पंचायत की ओर से सरकार द्वारा अधिकारिक रूप से शुरू करवाया जाएगा। खास बात यह है कि ग्रामीणों को इस प्लांट से 24 घंटे गैस मिल सकेगी। वहीं, गांव के घरों के बाहर गैस खपत को लेकर मीटर भी लगाए जा चुके हैं।
इनमें मीटर में खपत की रीडिंग रिकॉर्ड हो रही है। यह गोबर धन प्रोजेक्ट करीब 85 लाख से बना है। इस प्रोजेक्ट के चलने से ग्रामीणों को सस्ते रेट पर बायोगैस मिलेगी। गांव में करीब 62 घरों तक पाइपलाइन भी दब चुकी है।
यहां मोहाली की हाइटेक एनडीटी सर्विसिस कंपनी की ओर से पंचायती राज विभाग के देखरेख में स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्लांट तैयार किया गया है। प्लांट में लगी मशीनरी की देखरेख भी कंपनी करेगी। प्लांट को चलाने वाले बलजिंद्र सिंह ने बताया कि गांव में बने इस प्लांट के गोलाईनुमा तालाब में पहले गोबर डाला जाता है।
इसके बाद गोबर का घोल बनता है। इसके बाद गैस पंप के जरिए टैंक से होते हुए गांव में जाएगी। यहां से गैस को प्रैशर के जरिए गांव में भेजा जाएगा। इस प्लांट की क्षमता 400 क्यूम हैं।
ग्रामीणों बोले, सस्ती गैस मिलने से होगा फायदा : ग्रामीण लक्की, प्रवेश देवी, चरणदास, दर्शनी देवी, पवन कुमार ने बताया कि गांव में बायोगैस के लिए पाइपलाइन दबाने के साथ ही रीडिंग मीटर भी लगाए गए हैं। बायोगैस प्लांट को चलाया गया है। इससे ग्रामीणों को 24 घंटे गैस मिलेगी।
यह बायोगैस सिलेंडर के मुकाबले ठीक है, क्योंकि इसका प्रैशर भी उससे ज्यादा हैं। जिससे खाना बनने में देर नहीं लगती। यह गैस सिलेंडर के मुकाबले भी सस्ती पड़ेगी। संवाद