भरत वृद्ध महिला की सेवा करते हुए। स्वयं
अंबाला सिटी। वंदे मातरम् दल के भरत सिंह न केवल लावारिस जरूरतमंद लोगों की सेवा कर रहे हैं, बल्कि पशु-पक्षी और प्रकृति को बचाने के लिए भी सेवारत हैं। वह पिछले 13 वर्षों से संस्था चल रहे हैं और नि:शुल्क मानवता की सेवा में जुटे हुए हैं। संस्था के संस्थापक एवं प्रधान भरत सिंह ने बताया कि उन्होंने 2012 में संस्था की शुरूआत की थी और लगातार संस्था सेवा कार्यों में जुटी हुई है। वहीं, इन सेवा कार्यों के लिए प्रशासनिक और सरकार की ओर से उनको सम्मानित भी किया जा चुका है। भरत बताते हैं कि कुछ वर्ष पहले उन्होंने शहर के गीता नगरी में एक वृद्ध महिला को तड़पते देखा। उनके शरीर पर कीड़े चल रहे थे, जिन्हें देखकर मन में मानवता की सेवा करने की ठान ली। भरत बताते हैं कि तीन दिन तक भी कीड़े वृद्धा के शरीर से साफ नहीं हुए थे। इसी घटना ने भरत को पूरी तरह से बदल दिया। वह मानव अधिकारों और जीवन जीने के अधिकारों को लेकर भी लोगों को जागरूक करते दिखाई देते हैं।
30 से ज्यादा लावारिस लोगों का कर चुके रेस्क्यू
भरत सिंह ने बताया कि संस्था की ओर से वह जिलेभर के कई जगहों से 30 से ज्यादा मानसिक रूप से परेशान व जरूरतमंद लोगों का रेस्क्यू कर चुके हैं और इन लोगों को मनुख्ता दी सेवा सोसाइटी लुधियाना में इलाज के लिए दाखिल करवाया गया है ताकि वह इलाज के बाद मुख्यधारा में शामिल हो सकें। संस्था के साथ जुड़े सदस्य दिन में अपना कार्य करते हैं और रात में सेवा कार्य करते हैं।
जरूरतमंद लोगों को दवाइयां और राशन भी करवा रहे उपलब्ध
संस्था की ओर से जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क दवाइयां और राशन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। संस्था पशु-पक्षी, प्रकृति, खूनदान, समाजहित के लिए कार्य कर रही है, इसके साथ ही जैसे ही कहीं से लोगों की सेवा की सूचना आती है तो दल की टीम मौके पर पहुंचती है और उनका सहयोग किया जाता है। भरत सिंह ने बताया कि मानवता की सेवा के लिए दल की ओर से लगातार कार्य किया जा रहा है और आगे भी यह सेवा जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि कई मानसिक रूप से परेशान लोग ठीक होकर वापस अपना कार्य भी कर रहे हैं। संस्था की ओर से ऐसे लोगों को मनुख्ता दी सेवा सोसाइटी में इलाज के लिए रखा जाता है।