अंबाला/बराड़ा। शामलात जमीन संबंधी कानून के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी ग्रुप) ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को किसानों ने सिटी, कैंट, बराड़ा और नारायणगढ़ समेत सभी तहसीलों के बाहर नारेबाजी की। साथ ही एसडीएम व तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
किसानों ने मांग पूरी न होने पर बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। भाकियू ने 25 अगस्त से पहले प्रदेश में बड़ी किसान रैली आयोजित करने का एलान किया है। मलकीत सिंह भाकियू चढूनी ग्रुप के जिला प्रधान ने कहा कि शामलात भूमि को सरकारी भूमि बनाने व पुराने इंतकाल खत्म कर कब्जे लेने का आदेश गलत है। सरकार की इस कार्रवाई से किसान खफा हैं।
किसानों ने सुरजीत सिंह खंड प्रधान बराड़ा के नेतृत्व में तहसील कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नवनीत कुमार तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। सुरजीत सिंह ने बताया कि कुछ तहसीलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए ऐसी जमीनों के इंतकाल तोड़कर पंचायतों के नाम कर दिए हैं। सरकार का यह फैसला जन विरोधी है। इस अवसर साधा सिंह, सौरन कुमार डेरा सलीमपुर, कुलवंत सिंह चहल माजरा, हर्ष कुमार, जंटी चहलमाजरा, विक्रम, परमजीत सिंह, राजदीप अधोई, रमनप्रीत डेरा मौजूद रहे।