104 साल की स्तायु महिला शकुंतला वीर धमीजा को एंबुलेंस के माध्यम से वोट डलवाने जाते एसडीएम विनेश
अंबाला। वोट हमारा अधिकार भी है और कर्तव्य भी। इसी भावना से छावनी की प्रीत नगर निवासी 104 वर्षीय की शकुंतला वीर धमीजा ने रविवार को मतदान किया। वे पटियाला के सरकारी स्कूल से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने नगर परिषद चुनाव में मतदान करने के लिए अपने बेटे अरुणजीत धमीजा से इच्छा जताई थी।
इसके बाद बेटे ने छावनी एसडीएम विनेश कुमार को बताया कि उनका बूथ गांव करधान में है। जोकि दूर है और माता चलने में असमर्थ हैं। ऐसे में उनका मत डलवाया जाए। इसके बाद एसडीएम ने बुजुर्ग महिला के घर एंबुलेंस भेजकर उनका वोट कराया। जब शकुंतला एंबुलेंस से मतदान केंद्र पहुंचीं तो स्ट्रेचर से उन्हें केंद्र के भीतर ले जाया गया। एसडीएम भी मौके पर पहुंच गए और अपने सामने ही वोट डलवाया। इसी दौरान महिला के पुत्र अरुण जीत धमीजा और पुत्रवधु डाॅ. शशि धमीजा ने भी मतदान किया। उन्होंने बताया कि मां शकुंतला ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भी अपने मत का प्रयोग किया था। शकुंतला उन लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो घर रहते हुए भी वोट डालने नहीं जाते।
साढ़े पांच साल पहले टूटी थी कूल्हों की हड्डी
पूत्रवधु डाॅ. शशि धमीजा ने बताया कि करीब साढ़े पांच साल पहले उनकी सास शकुंतला धमीजा घर में कुर्सी पर बैठी थी। इसी दौरान उनकी कुर्सी का संतुलन बिगड़ा और वह फर्श पर गिर गई। इसके बाद उनके दोनों कूल्हों की हड्डी टूट गई। वह तभी से बेड पर हैं। उन्होंने लोकसभा और विधानसभा में घर से वोट दिया था लेकिन नगर परिषद के चुनाव में घर से वोट देने का प्रावधान नहीं होने के कारण उन्होंने एसडीएम से संपर्क किया।
104 साल की स्तायु महिला शकुंतला वीर धमीजा को एंबुलेंस के माध्यम से वोट डलवाने जाते एसडीएम विनेश