माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। बांग्लादेशी महिला ने पहचान छिपाकर भारतीय युवक से शादी कर दी। एक बच्ची होने के बाद पानीपत में आकर रहने लगे। महिला को पुलिस ने वापस बांग्लादेश डी-पोर्ट कर दिया है। वहीं बच्ची के पिता भारतीय होने के कारण बच्ची को पिता के पास रही रखा है। बाल कल्याण समिति ने बच्ची की देखभाल की जिम्मेदारी उसकी ताई को दी है। प्रत्येक सप्ताह बच्ची की निगरानी की जाएगी।
सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन केदार दत्त कौशिक ने बताया कि कुछ दिन पहले पुलिस ने सेक्टर-25 इंडोफॉर्म से कुछ बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया था। इसमें एक महिला शामिल थी। महिला के माता-पिता बांग्लादेश के ठाकुरगांव से घुसपैठ कर भारत में घुसे थे। इसके बाद काफी समय से पश्चिम बंगाल में बेटी का निकाह पहचान छुपा कर पश्चिम बंगाल के ही एक युवक से कर दिया था। इसके बाद वह पानीपत आए और हैंडलूम फैक्टरियों में काम करने लगे। महिला अपने पति के साथ इंडोफार्म के पास किराये के मकान में रह रही थी। करीब एक साल पहले उसने एक बेटी को भी जन्म दिया था। करीब 20 दिन पहले पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया था।
पुलिस ने बच्ची को शुक्रवार को सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया और बच्ची की कस्टडी तय करने को कहा। इसमें बाद सीडब्ल्यूसी ने बच्ची के पिता, ताऊ, ताई और बुआ को बुलाया। उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों से बात की। ताई ने बच्ची का पालने करने का आश्वासन दिया जिसके बाद सीडब्ल्यूसी ने बच्ची को ताई को सौंप दिया।
अब तक वापस भेजे जा चुके 51 बांग्लादेशी
पुलिस अब तक जिले में 51 बांग्लादेशी नागरिकों को तलाश कर चुकी है। 37 को पहले ही भेजा जा चुका था। 14 घुसपैठियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें शनिवार को भारत से बॉर्डर पार करा बांग्लादेश भेज दिया गया है।