अंबाला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हितेश गर्ग की अदालत ने ब्लैकमेलिंग, दुष्कर्म, रंगदारी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज मामले में आरोपी परविंदर सिंह की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने आरोपों की गंभीरता और आरोपी की ओर से पीड़िता की निजता को भंग करने के तरीके को देखते हुए जमानत देने से इन्कार कर दिया। सुनवाई के दौरान आरोपी की तरफ से अधिवक्ता ने दलील दी कि यह केस झूठा है। पीड़िता से सहमति से संबंध बने थे और प्राथमिकी दर्ज कराने में दो साल की देरी की गई। वहीं लोक अभियोजक ने इसका विरोध किया।
आरोपी परविंदर सिंह पर आरोप है कि उसने फरवरी 2022 से पीड़िता को शादी का झूठा झांसा देकर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया। नवंबर 2023 में आरोपी ने पीड़िता का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया और ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया, साथ ही उससे पैसे की मांग करने लगा। वीडियो वायरल करने के दबाव में आरोपी ने पीड़िता से कई बार पैसे लिए। 22 सितंबर 2025 को जब पीड़िता ने उसे पैसे देने और फोन रिचार्ज कराने से मना कर दिया तो आरोपी ने पीड़िता की इंस्टाग्राम आईडी से ही उसका आपत्तिजनक वीडियो वायरल कर दिया। इस शिकायत पर 22 सितंबर 2025 को बलदेव नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को 23 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया था।