मुलाना। मुलाना स्थित मार्कंडेय मंदिर में शुक्रवार को बाबा मस्तनाथ जी की नवमी पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा व पंजाब से सैकड़ों साधुओं ने भाग लिया और धार्मिक चर्चा की। इस अवसर पर भंडारे का आयोजन किया गया। मार्कंडेय मंदिर में बाबा उजागर नाथ ने बताया कि बाबा मस्तनाथ का मुख्य स्थान रोहतक जिले के गांव अस्थल बोहर स्थित बाबा मस्तनाथ मठ की तपोभूमि है।
उनका कहना है कि बाबा मस्तनाथ का अवतरण कसरेटी गांव में सबला के यहां हुआ था। सबला को अपने काम के लिए ऊंटों पर सामान लादकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ता था। इसी दौरान एक बार उनकी भेंट श्री गुरु गोरक्षनाथ से हुई। सबला की भक्ति भावना और श्रद्धा से प्रसन्न होकर श्री गोरक्षनाथ ने उन्हें पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया। उन्होंने स्वयं ही योग बल से एक साल बाद उनके घर जन्म लिया और बाबा मस्तनाथ कहलाए।
करामाती और सिद्ध शक्तियों के चलते बाबा मस्तनाथ संसार में प्रसिद्ध हुए। उन्होंने बताया कि नाथ संप्रदाय के 12 पंथ हैं। बाबा उजागर नाथ का कहना है कि मुलाना स्थित मार्कंडेय मंदिर में यह कार्यक्रम पिछले 31 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर धार्मिक भजनों व गीतों के लिए एक अखाड़ा कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। अखाड़े में पंजाब से आए कलाकारों ने गीतों के माध्यम से समा बांध दिया। इस दौरान बक्शीश सिंह निहंग रछेडी, मंगल सिंह, गुरमीत सिंह कुम्हड़ा सुहाना, काला सिंह, बलविंद्र सिंह साहा, गुरनाम सिंह पिलखनी आदि लोग मौजूद रहे।