अंबाला सिटी। आयुष्मान योजना के भुगतान को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अधिकारी एक बार फिर आक्रोशित दिखाई दे रहे हैं। अब आईएमए ने तीन फरवरी से आयुष्मान योजना के तहत उपचार न करने का फैसला लिया है। ऐसे में अब फिर से आयुष्मान योजना के तहत आने वाले पांच लाख लाभार्थियों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है।
आईएमए के अधिकारियों का कहना है कि सरकार को कई बार अवगत करवाने के बाद भी आयुष्मान योजना के बिलों का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है। इसलिए उन्होंने फिर से उपचार बंद करने का फैसला लिया है। इसको लेकर एक फरवरी को अधिकारियों की बैठक होगी। जिसमें आगामी फैसला लिया जाएगा। जिला अंबाला में आयुष्मान योजना के तहत 46 पैनल अस्पताल आते हैं। प्रत्येक अस्पताल का लाखों रुपये के बिल बकाया हैं।
देरी से भुगतान में भी कटौती
अंबाला सिटी आईएमए के पूर्व प्रधान अशोक सारवाल ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत हमारी ओर से जो भी बिल भेजे जाते हैं। नियम अनुसार उनका 15 दिन के भीतर भुगतान होना चाहिए। अगर भुगतान में देरी होती है तो ब्याज का भी प्राविधान है, लेकिन इसके बाद भी सरकार उन्हें समय पर भुगतान नहीं करती। इतना ही नहीं जो भुगतान किए जाते हैं उनमें भी कटौती होकर मिलती है। ऐसे में अस्पताल संचालकों पर आर्थिक परेशानी बनी हुई है।
20 प्रतिशत ही हुआ भुगतान
अंबाला छावनी के आईएमए प्रधान डॉ विवेक मल्होत्रा ने बताया कि सरकार की ओर से अभी तक अस्पतालों को 20 से 25 प्रतिशत ही भुगतान मिला है। जबकि अस्पतालों का लाखों रुपये के बिल बकाया हैं। इस कारण आईएमए की ओर से तीन फरवरी से आयुष्मान के तहत उपचार बंद करने का फैसला लिया गया है। आगामी एक फरवरी को एक बैठक भी आयोजित होनी है । इसके बाद ही आगे की रणनीति तय होगा।
वर्जन
निदेशालय के निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्यवाही की जाएगी। फिलहाल इस बारे में आईएमए से भी बातचीत नहीं हुई है।
डॉ नीलम कुश्वाह, डिप्टी सीएमओ, आयुष्मान भारत।