संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। अंबाला-जगाधरी हाईवे पर एसडी कॉलेज के सामने गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए सालों से खतरा बन रहे सूखे पेड़ों की कटाई का काम शुरू हो गया है। यह पेड़ कॉलेज के सामने क्राॅसिंग से महेश नगर की मच्छी मार्केट तक लगे हुए है। करीब 10 साल से इन पेड़ों को कटवाने के लिए शिकायत हो रही थी।
कई बार तो एक-दो पेड़ भी आंधी तूफान में गिर गए थे और हादसे का कारण भी बन रहे थे। लंबे समय तक वन विभाग व सेना के बीच पेड़ों की कटाई के लिए पत्राचार भी चला था। इस पेड़ों को काटने के लिए सेना की तरफ से टेंडर दिया गया है। सेना की जमीन पर कुल 155 पेड़ है लेकिन इनमें से कुछ सूखे व हरे पेड़ है जिन्हें काट नहीं जाएगा।
केवल 144 पेड़ों को काटा जाएगा। दो माह पहले ही इन पेड़ों की कटाई को लेकर ऑनलाइन टेंडर जारी हुआ था और उनमें बोली लगी थी। संबंधित ठेकेदार ने इन पेड़ों की कटाई का काम शुरू कर दिया गया है। दरअसल, पहले तो जिस जमीन पर यह पेड़ लगे हुए है उसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। बाद में स्थिति स्पष्ट हुई थी कि यह सेना की जमीन है।
अंबाला-जगाधरी हाईवे पर झुके हुए इन सफेदे के पेड़ों का आंधी व तूफान में गिरने का खतरा मंडराता रहता है। इनमें से करीब दो दर्जन पेड़ ऐसे थे जो पूरी तरह से सूख चुके थे और उनकी जड़ों में सालों से पानी जमा हुआ है। ऐसे में यह कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता था।
समाजसेवी तिलक के अलावा अन्य भी इसको लेकर जिला प्रशासन से शिकायत कर रहे थे कि इस ओर ध्यान दिया जाएगा। इसके बावजूद इन्हें हटाया नहीं गया था। अंबाला-जगाधरी हाईवे के चौड़ीकरण का काम भी हुआ लेकिन यह पेड़ हाईवे से चंद कदम दूर होने के कारण इन्हीं नहीं काटा गया।
अंबाला-जगाधरी हाईवे किनारे सफेदे के 144 सूखे पेड़ों को काटना है। 11 हरे पेड़ हैं, उन्हें नहीं काटा जाएगा। यह एसडी कॉलेज के सामने क्रॉसिंग से लेकर महेश नगर की मच्छी मार्केट तक है। पेड़ों को काटने के बाद फुटपाथ बनेगा। गत माह पेड़ों को काटने का टेंडर मिला है। - अकरम, ठेकेदार