फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala News: विशेषज्ञों की निगरानी में चल रहा अविराज का उपचार, जल्द होगा ऑपरेशन

विज्ञापन
अमर उजाला के मुख्य संस्करण के पेज नंबर एक पर प्रका​शित समाचार।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

अंबाला। चंडीगढ़ के मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन टोबा गांव के निवासी आठ वर्षीय अविराज का डाक्टरों की गहन निगरानी में उपचार चल रहा है। मंगलवार को दिन में लगभग आठ से 10 बार उसके सिर की पट्टियों को बदला गया, वहीं जल्द ही अविराज के ऑपरेशन होने की जानकारी भी सामने आई है। बेटे के साथ अस्पताल में मौजूद अविराज की मां नेहा ने बताया कि अभी डाॅक्टर उनके बेटे की मरहम-पट्टी कर रहे हैं।
डाॅक्टरों का कहना है कि वो जल्द ही अविराज के सिर का आपरेशन करेंगे ताकि घाव को ठीक किया जा सके। सोमवार को गांव में खेलते समय लगभग 10 कुत्तों ने अविराज को निशाना बनाया था। जब वो कुत्तों से बचने के लिए खेतों में गया तो वहां भी उस पर उन्होंने हमला कर दिया और उसे बुरी तरीके से नोंच खाया।
विज्ञापन



कुत्ते हो रहे आक्रामक : डॉ. पंकज
पशु चिकित्सक डॉ. पंकज ने बताया कि कुत्ते लगातार आक्रामक हो रहे हैं। उनके खानपान को लेकर यह बदलाव हो रहा है, लोग जाने-अनजाने में उन्हें मीठा खाने को दे रहे हैं, इससे उनके हार्माेन बदल रहे हैं, इस कारण कुत्ते कभी भी उत्तेजित हो जाते हैं।


लगातार बढ़ रही संख्या
ट्विनसिटी में लगातार कुत्तों की संख्या बढ़ रही है। शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र भी अब इनकी चपेट में आने लगे हैं। नागरिक अस्पताल से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर रोजाना 50 से 60 मामले कुत्ता काटने के आ रहे हैं। इनमें 15 से 20 मामले अत्यंत गंभीर होते हैं, जिनमें आवारा कुत्ते कभी बच्चे का तो कभी बुजुर्ग का मांस तक नोंच लेते हैं।
विज्ञापन



कागजों तक सीमित कार्रवाई
नगर परिषद कुत्तों की नसंबदी को लेकर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है। अभी कागजों में ठेका देने की बात सामने आई है, जबकि धरातल पर कुत्तों की संख्या पर विराम लगाने के लिए नसबंदी का काम नहीं हो पाया है, ऐसे में अगर एजेंसी यह काम शुरु भी करती है तो इतनी संख्या में कुत्तों की नसंबदी करना भी काफी मुश्किल काम होगा। ठेकेदार को जल्द काम शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं। कुत्तों की नसंबदी को लेकर जगह की तलाश की जा रही है ताकि वहां उन्हें तीन से चार दिन के लिए रखा जा सके।
- राजेश कुमार, सचिव नगर परिषद सदर, अंबाला।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें