अंबाला। छावनी के फारुका खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा देने के लिए अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र तीन जिलों से विद्यार्थी पहुंचे।
परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। सुबह 9 बजे से ही संस्थान में विद्यार्थी परीक्षा के लिए पहुंचने शुरू हो गए थे। यह परीक्षा सुबह 11 से दोपहर 12.30 तक करवाई गई। परीक्षा देने के बाद विद्यार्थियों के चेहरे खिल गए।
विद्यार्थियों ने परीक्षा को शानदार बताया। इस परीक्षा में कक्षा नौंवी से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। नौंवी कक्षा से 83, 10वीं से 39, 11वीं से 140 और 12वीं से 87 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के लिए कुल 615 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 349 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।
परीक्षा के आयोजन में स्कूल प्रधानाचार्य केपी सिंह, सहायक शिक्षा अधिकारी खेल अमरिंद्र सिंह, केंद्र अधीक्षक कंवलवीर सिंह, डीपीई विशाल सैनी व स्टाफ ने अहम भूमिका निभाई।
स्कूल ने स्टाफ ने दिया महत्वपूर्ण योगदान
परीक्षा करवाने में स्कूल स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इनमें मृदूबाला, इंदू कंसल, शैली, पूनम बंसल, प्रियंका, अंजू बाला, रणधीर कौर, रूपाली शर्मा, दिशा गुलाटी, सुनीता अरोड़ा, अनुपमा वर्मा, मीनू शर्मा, ज्योति सरदाना, संजय कुमार, रिपिंका सैनी, दीपक, किरनी, हरलीन कौर, वीना आहुजा, अभिषेक बग्गा, संदीप कौर, कीर्ति, हेमा राठौर, राजविंद्र कौर, नीलिमा, शैली मलिक, स्वाति मौजूद रहे।
कोट्स
अंबाला से 11वीं कक्षा की छात्रा यशप्रीत ने कहा कि अमर उजाला का यह बहुत अच्छा प्रयास है। इससे विद्यार्थियों को अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी।
कोट्स
कुरुक्षेत्र से आई निशा ने बताया कि इस प्रकार की परीक्षा से जरूरतमंद विद्यार्थियों को आर्थिक मदद मिलती है। साथ ही विद्यार्थी को उच्च स्तर की पढ़ाई करने के लिए सहायता मिलती है।
कोट्स
कुरुक्षेत्र से आए 11वीं कक्षा के छात्र योगेश कुमार ने बताया कि उन्होंने पहली बार यह परीक्षा दी है। इस परीक्षा से उन्हें प्रतियोगिता परीक्षा में इस्तेमाल होने वाली ओएमआर शीट का अनुभव मिला।
कोट्स
अंबाला से परीक्षा देने आए समीर ने बताया कि इस परीक्षा से उन्हें पता चला कि उन्हें किस विषय पर काम सुधारने की जरूरत है। जिससे आगे चलकर अन्य परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिले।
कोट्स
अंबाला से आए हिमांशु ने बताया कि वह जेईई की तैयारी कर रहा है। इस प्रतियोगिता से उनका अभ्यास हुआ है। जिससे समय पर परीक्षा देने में भी मदद मिलेगी। इस प्रकार की कई परीक्षाएं होने चाहिए। जिससे विद्यार्थियों को अपने स्तर का पता चल सके।
कोट्स
डीपीई विशाल सैनी ने बताया कि इस प्रकार की परीक्षाएं विद्यार्थियों के लिए बेहतर अवसर बनाती हैं। इसके साथ ही आर्थिक मदद मिलने पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलती है।
वर्जन
इस प्रकार की परीक्षाओं से मेधावी विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलते हैं। अमर उजाला की तरह ही अन्य संस्थाओं को भी सरकार के साथ मिलकर इस प्रकार की परीक्षाएं आयोजित करवानी चाहिए। इन परीक्षाओं में सफल हाेने वाले विद्यार्थी अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनते हैं। जिससे विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ेगा।
केपी सिंह प्रधानाचार्य, फारुका खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल अंबाला छावनी।
वर्जन
ऐसी प्रतियोगिता बेहद जरूरी होती हैं। इससे विद्यार्थियों को बेहतर रोजगार प्राप्त करने में मदद मिलती है। ऐसी परीक्षाओं से विद्यार्थियों को अन्य बड़ी परीक्षाओं की तैयारी करने की प्रणाली का भी पता चलता है। वह मेधावी विद्यार्थी जिन्हें आर्थिक मदद नहीं मिल पाती, उन्हें भी आर्थिक मदद मिल जाती है। यह परीक्षाएं समय-समय पर होनी चाहिए।
अमरिंद्र सिंह, सहायक शिक्षा अधिकारी खेल।