(अंबाला) नारायणगढ़। जमीन और संपत्ति के लालच में दंपती को जिंदा जलाने की कोशिश की है। पीड़ित ससुर ने इस संबंध में नारायणगढ़ थाने में दो अन्य युवकों सहित पुत्रवधू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।
बेरखेड़ी निवासी रामलाल ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि वह अपनी पत्नी के साथ यहां निवास करते हैं। उसने अपने लड़के शिव कुमार व उसकी पत्नी को बेदखल किया हुआ है। क्योंकि वो उनकी सेवा नहीं करते थे और हमेशा झगड़ते रहते थे। उसकी पुत्रवधू ने पत्नी सुरेंदर कौर ने उसे कई बार जान से मारने की धमकियां दी हुई हैं। वह उसकी संपत्ति अपने नाम कराना चाहती थी। बीते 9 जुलाई को वह अपनी पत्नी के साथ नारायणगढ़ कोर्ट में आए हुए थे। हमें सुबह 11 बजकर 20 मिनट पर फोन आया की आपके घर से धुआं निकल रहा है। किसी ने आग लगा दी है। हमने नारायणगढ़ पुलिस को फोन किया और अपने घर की तरफ चले गए। वहां जाके पता चला की 2 व्यक्ति किसी मोटरसाइकिल पर थे। मोटरसाइकिल पर नंबर छिपाया हुआ था, उनमें से एक व्यक्ति जिसने मुंह ढका हुआ हुआ था। वह हमारे घर के पिछली साइड से गैलरी के ऊपर गया और उसने हमें जिंदा जलाने की नीयत से हमारे घर पर तेल गिरा कर आग लगा दी। इससे हमारे घर का दरवाजा जल गया और घर की छत को भी नुकसान पहुंचा है। जब वहां लोग इकट्ठा हुए तब आरोपी भाग गए। आगजनी से घर में रखा प्लास्टिक का समान भी खराब हो गया। यह सारा काम मेरी पुत्र वधू सुरेंद्र कौर व इसके भाइयों संदीप व मंदीप ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर किया है। 3 जुलाई को हमारे घर से रात को हमारे सीसीटीवी चोरी से उतरवा दिए गए थे। इसकी शिकायत भी हमने थाने में दी हुई है। थाना प्रभारी राजेश ने बताया कि आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही गिरफ्तार भी कर लिए जाएंगे।
एसडीएम ऑफिस के बाहर ससुर पर जानलेवा हमला करने में भी केस दर्ज
एक अन्य मामले में रामलाल के साथ ही मारपीट के मामले में उनकी पुत्रवधू सुरेंद्र कौर, उसके भाई संदीप ऋषिपाल, बलकार सिंह, ऋषिपाल, अशोक, अनिल पर मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। यह मामला 4 जुलाई का है। इसमें भी पुलिस ने एसपी की दखल के बाद अब केस दर्ज किया है। बेरखेड़ी निवासी रामलाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मेरी बहू मुझे व मेरी पत्नी को तंग करती है। इसके खिलाफ शिकायत देने हम एसडीएम और डीएसपी कार्यालय नारायणगढ़ गए हुए थे।
4 जुलाई को सुरेंदर कौर पहले से एसडीएम ऑफिस में बैठी थी। जब एसडीएम से मिलने के बाद ऑफिस के बाहर निकला तब दोपहर करीब एक बजे मेरी पुत्रवधू ने मेरे ऊपर हमला कर दिया और मुझे थप्पड़, मारे और मेरे कपड़े फाड़ दिए। सुरेंद्र कौर ने मेरे सिर, छाती, बखी व कमर पर चोटें मारी। वहां पर मेरे साथ मेरी पत्नी शांति थी। एसडीएम का ड्राइवर सुखदेव सिंह बैठा था। दोनों ने यह वाक्या देखा।