अंबाला सिटी। पेशी पर जाने से मना कर रहे बंदी ने जेल उपाधीक्षक से गाली-गलौज और बदतमीजी की। तैश में आकर उनकी वर्दी भी फाड़ दी। अचानक हुई घटना से जेल प्रशासन हक्का-बक्का रह गया। डिप्टी जेलर राजीव कुमार ने शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। बलदेवनगर थाने में केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी गई।
शिकायत के अनुसार मोहाली के अजीत नगर, गांव कंसाल का कवि बिष्ट जेल में बंद है। कोर्ट में चल रहे बंदी अधिनियम के केस में उसकी पेशी थी। उसे डियोडी में बुलाया गया। कवि ने पेशी पर जाने से मना कर दिया। वार्डर राजपाल ने इस बारे में डिप्टी जेलर संजय बागड़ को बताया। संजय बांगड़ ने वहां आकर उसे पेशी पर जाने के लिए कहा तो उसने जोर से चिल्लाकर कहा कि मैं पेशी पर नहीं जाऊंगा। शोर सुनकर दूसरे अधिकारी व कर्मचारी भी मौके पर आ गए। सभी ने समझाया तो भी वह जिद पर अड़ा रहा कि किसी हालत में पेशी पर नहीं जाएगा। गार्द में तैनात मुलाजिम बंदी को लेकर डिप्टी जेलर के कमरे में आ गए। उसने वहां भी अधिकारी के साथ बदसलूकी व गाली-गलौज किया। इतना ही नहीं तैश में आकर संजय बांगड़ के पास जाकर उनकी वर्दी फाड़ दी और जान से मारने की धमकी दी। बंदी की इस हरकत के बारे में अदालत को भी लिखा गया है। थाना प्रभारी बलबीर सिंह के अनुसार जेल अधिकारी से बदसलूकी और वर्दी फाड़ने की घटना में केस दर्ज कर लिया गया है।