अंबाला। 250 ग्राम अफीम के साथ पकड़े गए एंटी नारकोटिक्स सेल में तैनात एएसआई निरंजन सिंह को बरखास्त कर दिया गया है। एसपी जश्नदीप रंधावा ने आदेश जारी करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र निवासी एएसआई निरंजन के खिलाफ पहले भी कई बार अनैतिक कार्य करने की शिकायतें मिली हैं। इनमें आरोपी पुलिस अधिकारी को विभागीय जांच के उपरांत सजा दी गई है। मादक पदार्थों की तस्करी में एक पुलिस अधिकारी का संलिप्त पाया जाना विभाग की छवि को धूमिल करता है। मंगलवार को कोर्ट में पेश करने के बाद एएसआई को जेल भेज दिया। वहीं दूसरे नशा तस्कर शिव नारायण को 13 नवंबर तक रिमांड पर लिया गया है।
जीआरपी सीआईए इंचार्ज जोगिंद्र ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि मुख्य तस्कर राजस्थान के जिला झालावाड़ करावान गांव निवासी कृपाल सिंह है। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम राजस्थान रवाना होगी। सीआईए जीआरपी ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की थी। जैसे ही नशा तस्कर शिव नारायण ट्रेन से उतरकर बाहर गाड़ी में बैठे एएसआई निरंजन को अफीम देने लगा तभी जीआरपी ने रेड कर दी थी। इस दौरान एएसआई ने पुलिस पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया था। जीआरपी ने मामला दर्ज कर लिया था।
जीआरपी सीआईए इंचार्ज जोगिंद्र ने बताया कि एएसआई निरंजन सीआईए में तैनात था, उस समय मुख्य तस्कर कृपाल सिंह को दबोचा था। उसी समय कृपाल से उसकी बातचीत हो गई थी। धीरे-धीरे वह उससे नशा मंगवाने लगा था। उन्होंने बताया कि रेड के दौरान एएसआई ने गाड़ी भगाने का प्रयास करते हुए मुलाजिम की बाइक को टक्कर मार दी थी और कुछ दूरी तक खींचता हुआ ले गया था। इससे पहले एएसआई निरंजन अंबाला सीआईए-1, टू सहित में सेवाएं दे चुका है।