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Ambala News: आईजी कार्यालय का घेराव करने जा रही आशा कर्मियों को रास्ते में रोका

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अंबाला। आशा कर्मियों ने मांगों के समर्थन में वीरवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान भारी संख्या में आशा कर्मी बस स्टैंड के पास एकजुट हो गई। इसके बाद वे आईजी कार्यालय का घेराव करने के लिए चल दीं। आशा कर्मियों के प्रदर्शन को देखते हुए बस स्टैंड से लेकर आईजी कार्यालय तक भारी पुलिस बल तैनात था। यहीं कारण था कि पहले तो डीएसपी नारायणगढ़ अर्शदीप सहित अन्य ने प्रदर्शन कर रही आशा कर्मियों से बस स्टैंड पर ही ज्ञापन लेना चाह लेकिन वह आईजी कार्यालय पर जाने के लिए अड़ गई। आखिर में डीएसपी ने किसी तरह से आशा कर्मियों को समझाया और आईजी शिवास कविराज की अनुपस्थिति में ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन देकर उन्हें शांत करवाया।
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बता दें कि बुधवार को गृहमंत्री अनिल विज के आवास पर प्रदर्शनी करने जा रही आशा कर्मियों को पुलिस ने बसों में जबरन भरकर दूर छोड़ दिया था। इस पर जमकर हंगामा भी हुआ था। आशा कर्मियों ने प्रशासन काे चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा आने वाले समय में दमन के परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे। कहा कि वर्कर्स घर-घर जाकर सरकार की पोल खोलेंगी और 25 सितंबर को गिरफ्तारियां देकर प्रदेश की जेलों को भरेंगी। वहीं, आशा वर्कर्स यूनियन ने प्रदर्शन से पहले श्रीनगर के अनंतनाग में शहीद हुए सेना के कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष, डीएसपी हुमायूं भट व राइफल मेन रवि कुमार को श्रद्धांजलि दी। धरना स्थल शहीद साथी अमर रहे के नारों से गूंज उठा।
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गठबंधन सरकार लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है : सुरेखा

आशा वर्कर्स यूनियन की राज्य प्रधान सुरेखा व सीटू नेता सतीश सेठी ने कहा कि भाजपा-जजपा की गठबंधन सरकार लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है। प्रदेश में अपराध बढ़ रहे है। कानून व्यवस्था चरमराई हुई है। परंतु गृहमंत्री ने पुलिस को अपराधियों को पकड़ने की बजाए आंदोलकारियों की धरपकड़ में लगा रखा है। उन्होंने कहा कि बीते 8 अगस्त से वर्कर्स सरकारी कर्मचारी का दर्जा व न्यूनतम वेतन 26 हजार तथा प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की मांगों को लेकर हड़ताल पर है। परंतु इन 38 दिनों में सरकार मसले का समाधान करने की बजाए पुलसिया दमन का सहारा लेकर महिलाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों व मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ा रही है।
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