बाल बैडमिंटन में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले आर्यन के परिजन संत का आशीर्वाद लेते हुए। स्वयं
इंडोनेशिया में आयोजित प्रतियोगिता में हासिल की उपलब्धि
संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। नाहोनी गांव के खिलाड़ी आर्यन ने इंडोनेशिया में आयोजित इंडो-इंडोनेशिया बॉल बैडमिंटन टेस्ट सीरीज में स्वर्ण पदक हासिल किया है। इस उपलब्धि से नाहोनी गांव में खुशी की लहर है। सोमवार को आर्यन की इस जीत की खुशी में उनका परिवार श्री गुरु रविदास धर्म अस्थान, सिरसगढ़ पहुंचा। वहां परिवार ने माथा टेका और संत मनदीप दास से आशीर्वाद लिया। संत मनदीप दास ने परिवार का मुंह मीठा करवा बधाई दी।
पांचवीं कक्षा से शुरू किया था सफर
आर्यन की माता पूनम सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। उन्होंने बताया कि आर्यन का खेलों के प्रति रुझान पांचवीं कक्षा से ही था। स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके आर्यन ने पहले खंड, जिला और प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। पिता रजनीश कुमार गांव में ही दुकानदार हैं, उन्होंने बताया कि उन्हें बेटे की उपलब्धि पर गर्व है। आर्यन के कॅरिअर में निर्णायक मोड़ तब आया जब यमुनानगर के समाजसेवी और खिलाड़ी सुशील कुमार ने उनकी प्रतिभा को पहचाना। सुशील कुमार ने आर्यन को दिल्ली में बेहतर कोचिंग के लिए प्रेरित किया। इसके बाद आर्यन ने तमिलनाडु में आयोजित नेशनल प्रतियोगिता में रजत पदक जीता और फिर भारतीय बॉल बैडमिंटन महासंघ के सचिव आशुतोष राणा के सहयोग से उनका चयन अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए हुआ।
20 फरवरी को होगा स्वागत
आर्यन की इस सफलता पर समाजसेवी राजेश कटारिया और रमेश पाल ने बधाई दी है। ग्रामीणों ने बताया कि 20 फरवरी को जब आर्यन अपने पैतृक गांव नाहोनी पहुंचेंगे तो उनका जोरदार स्वागत किया जाएगा।