अंबाला छावनी की सिविल अस्पताल चौक पर वीरवार को सेना के जवानों ने जमकर उत्पात मचाया। जवानों ने पुलिस कर्मी समेत छह लोगों की सरेराह जमकर पिटाई कर दी।
इनमें तीन कारोबारी, एक सब इंस्पेक्टर, एक हवलदार भी शामिल हैं। इतना ही नहीं जवानों ने दो कारोबारियों को गाड़ी में डालकर ले गए।
हंगामे की सूचना मिलते ही एसीपी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसीपी के दबाव बनाने के बाद जवान कारोबारियों को वापस लेकर आए। दोनों की हालत बहुत खराब थी, जबकि उनमें से एक युवा कारोबारी तो बुरी तरह लहूलुहान था। उधर, इस उत्पात के दौरान मारपीट रोकने के लिए वहां पहुंचे पुलिस कर्मियों पर भी सेना के जवानों ने डंडे बरसा दिए और एक हवलदार का मोबाइल भी छीन लिया।
पुलिस ने इस मामले में सैन्य कर्मी राजकुमार समेत अन्य जवानों के खिलाफ अपहरण, पीटने, सरकारी काम में बाधा डालने, मारने की धमकी देने के आरोपों के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस हंगामे की वजह से अंबाला-जगाधरी र्हाईवे एक घंटे तक जाम रहा।
बाइक में साइड लगते ही भड़क उठे जवान
पिटाई से जख्मी कारोबारी सुधीर पुरी और विदित पुरी ने बताया कि सिविल अस्पताल चौक के पास एक फौजी बाइक से जा रहा था। इसी दौरान बाइक की एक स्कूटर सवार से हल्की साइड लग गई।
इससे गुस्साए फौजी ने हाईवे पर ही स्कूटर सवार को गिराकर पीटना शुरू कर दिया। इससे सड़क पर जाम लग गया। जाम में फंसे कारोबारी पिता सुधीर पुरी और पुत्र विदित पुरी गाड़ी से उतरकर जवान को समझाने लगे। इसी दौरान फौजी ने पास ही सिविल अस्पताल से सैन्य क्षेत्र की ओर जाने वाली सड़क पर तैनात अपने साथी जवानों को भी बुला लिया।
बस, फिर क्या जवानों ने बिना कुछ पूछे कारोबारी बाप-बेटे की हाईवे पर बुरी तरह धुनाई कर दी। इस दौरान बेटा विदित पुरी अपनी कार इनेवो में बैठा और वहां से बचने के लिए फटाफट निकलने लगा, लेकिन जवानों ने उसकी कार पर ही डंडों से हमला बोल दिया।
इस हमले में उसकी कार का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया और विदित गाड़ी लेकर सीधे कैंट पुलिस स्टेशन पहुंच गया। उससे सूचना पाकर व उसकी हालत देख पुलिस के मुलाजिम एसआई प्रेम सिंह, हवलदार अनिल व अन्य मौके पर पहुंच गए। लेकिन वहां का नजारा देखकर पुलिस कर्मी भी दंग रह गई।
पीड़ित कारोबारी सुधीर पुरी के अनुसार उसके बेटे विदित के वहां से निकलने के बाद वहां विदित का दोस्त आदित्य पहुंच गया, उनके अनुसार आदित्य ने उसे फौजी जवानों से बचाने की कोशिश की तो फौजी और आक्रामक हो गए और उन्होंने किसी की बात सुनने की बजाए डंडों से आदित्य पर ही हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया।
उधर, पुलिस ने जब ये नजारा देखा तो पुलिस भी इस मारपीट को रोकने के लिए बीच में पहुंची, मगर फौज के जवानों ने बिना कुछ देखे पुलिस एसआई प्रेम और हवलदार अनिल कुमार पर भी डंडे बरसा दिए। जबकि अनिल कुमार का मोबाइल भी एक फौजी जवान ने छीन लिया।
उसके बाद फौज के जवानों ने वहीं पुलिस वालों के सामने ही कारोबारी सुधीर व आदित्य को पीटते हुए जबरन गाड़ी में डालकर ले गए। इस दौरान जवानों ने वहां मौजूद अन्य लोगों के साथ भी दुर्व्यवहार किया।
बदहवास और जख्मी थे कारोबारी
इस घटना के बाद कैंट एसएचओ जंगशेर, महेशनगर एसएचओ मनीष कुमार, एसीपी राहुल देव व भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
लेकिन तभी हमलावर पुलिस के जवान गाड़ियों में भरकर वहां से फरार हो गए। एसीपी ने संपर्क कर मिलिट्री पुलिस के अफसर को बुलवाया। उधर, पीड़ित युवा कारोबारी आदित्य की बुआ व महिला कारोबारी अंजलि वधावन भी मौके पर पहुंच गई और उन्होंने एसीपी से पहले फौजी जवानों द्वारा अगवा किए उनके भतीजे व रिश्ते में लगने वाले भाई को बरामद करवाने की गुहार लगाई।
एसीपी ने भी वहां पहुंचे मिलिट्री पुलिस के अफसर पर दबाव बनाया कि आगे बात तभी होगी, पहले अगवा किए गए दोनों कारोबारियों बरामद करवाए जाएं। इसके बावजूद भी काफी देर तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, मगर पुलिस के बढ़ते दबाव को देखते हुए सेना की एक गाड़ी दोनों कारोबारियों सुधीर व आदित्य को लेकर सिविल अस्पताल चौक पर लेकर पहुंचे।
इस दौरान बुरी तरह पिटाई की वजह से दोनों बदहवास थे। उधर, थाने में बचाव के लिए पहुंचा तीसरा कारोबारी सुधीर के बेटे विदित को भी पुलिस ने सिविल अस्पताल बुलवा लिया और वहां सुधीर, आदित्य व विदित का मेडिकल करवाया गया। पुलिस इस मामले में आगामी कार्रवाई में जुटी हुई है।
पीड़ितों के बयानों पर सैन्य कर्मी राजकुमार समेत अन्य फौजी जवानों के खिलाफ किडनैपिंग, सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट करने, धमकी देने समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। दो पुलिस वालों पर भी जवानों ने हमला किया है। पुलिस अपनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
-राहुल देव, एसीपी, अंबाला पुलिस-