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सेना अस्पताल के स्टाफ और सैनिकों को साइबर क्राइम से बचने के लिए किया जागरुक

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अपने विचार रखते हुए पुलिस अधिकारी। - फोटो : Ambala
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अंबाला। जिले में लगातार बढ़ रही साइबर ठगी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एडीजीपी श्रीकांत जाधव के निर्देश पर सेना अस्पताल में जागरूकता अभियान चलाया गया। साइबर अपराध थाना अंबाला मंडल के प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार और उनकी टीम ने सैनिकों एवं अस्पताल के स्टाफ को साइबर फ्रॉड से बचने की जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि सोशल साइट पर किसी भी अनजान व्यक्ति से दोस्ती न करें, फोन पर किसी से भी बैंक खाते से संबंधित अपनी निजी जानकारी साझा न करें।सोशल मीडिया या ई-मेल पर आए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करके व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें, क्योंकि ऐसा करने से वे साइबर धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं।
थाना प्रभारी ने बताया कि साइबर अपराधी संदिग्ध लिंक का फायदा उठाकर भोले-भाले नागरिकों के बैंक खातों से पैसे निकालने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। साइबर ठगी से बचने के लिए सोशल साइट्स पर डाले गए किसी भी असत्यापित खाते में रकम जमा न कराएं। किसी भी खाते में रकम जमा कराने से पहले पूरी जांच कर लें और इसके लिए अधिकारिक लिंक का ही प्रयोग करें। साइबर ठगी के अन्य तरीकों में फर्जी ऑनलाइन शॉपिंग साइट बनाकर ज्यादा डिस्काउंट पर सामान बेचने के नाम पर धोखाधड़ी करना, लोगों को कॉल करके सस्ते दामों पर सामान उपलब्ध कराना और होम डिलीवरी के नाम पर ओटीपी मांग कर धोखाधड़ी करना आदि शामिल है।
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उन्होंने बताया कि फेसबुक, ओएलएक्स, पेटीएम, डेबिट व क्रेडिट कार्ड के माध्यम से साइबर अपराध घटित हो रहे हैं, जिसका मुख्य कारण पूर्ण जागरूकता का अभाव जाने-अनजाने में अपनी निजी जानकारी साझा करना है। उन्होंने कहा कि अपना स्ट्रांग पासवर्ड लगाएं और समय समय पर उसको बदलते रहें। इसके अतिरिक्त टेलीफोन पर किसी भी प्रकार की जानकारी अजनबी को न दें। साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सतर्कता अनिवार्य है।
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