बराड़ा। भिवानी में बीते दिनों शिक्षिका मनीषा की मौत के बाद पूरे प्रदेश में रोष देखने को मिल रहा है। इस घटना ने जहां महिलाओं की सुरक्षा पर प्रश्न खड़े कर दिए हैं, वहीं मानवता को भी तार-तार कर दिया है। मनीषा को न्याय दिलाने के लिए लोग सड़कों पर उतर आए हैं। अंबाला जिले में भी इस घटना ने लोगों काे प्रभावित किया है, इसको लेकर लोगों में रोष देखने को मिल रहा है। इस घटना की सामाजिक, राजनीतिक और अन्य स्तर पर निंदा की जा रही है। बराड़ा में भी इस घटना को लेकर लोगों में रोष है।
मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए और पीड़ित के परिवार को न्याय मिलना चाहिए। यह घटना पूरे समाज को झकझोर देने वाली है। भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए सरकार को सख्त कार्रवाई करनी होगी। महिलाओं की सुरक्षा का जिम्मा भी सरकार का है।
-डॉ. कुलदीप शर्मा, संस्थापक, जागृति सेवा ट्रस्ट
मनीषा हत्याकांड में जो मुख्य आरोपी हैं उन्हें भी बख्शा न जाए। बेटियों से दरिंदगी बर्दाश्त नहीं होगी। सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। चाहे कोई पर्दे के आगे हो या कोई पर्दे के पीछे, सभी को सजा मिले।
-सुरजीत सिंह कसेरला, महासचिव, भारतीय किसान यूनियन चढूनी
देश और प्रदेश में बहू बेटियां सुरक्षित नहीं है। मनीषा हत्याकांड के बाद हाल ही में इंद्री में भी युवती का शव मिला है। लगता है कि अपराधियों को बिल्कुल भी भय नहीं है। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे अपराध सरकार की नाकामी दिखा रहे हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। ऐसे अपराधियों को तो फांसी की सजा दी जानी चाहिए।
रीटा केसरी, जिलाध्यक्ष महिला सेल, इनेलो
रीटा केसरी- फोटो : mathura
रीटा केसरी- फोटो : mathura