हरिंदर पाल सिंह
अंबाला। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अंबाला रेल मंडल के 14 प्रमुख स्टेशनों पर अब पूछताछ केंद्रों, मैनुअल पैसेंजर एड्रेस सिस्टम (पीएएस) और कोच गाइडेंस सिस्टम (सीजीएस) की कमान निजी कंपनी मेगा कंस्ट्रक्शन को सौंप दी गई है। इस सेवा के लिए विभाग ने 4.65 करोड़ रुपये से अधिक का अनुबंध किया है।
तीन साल तक रहेगी जिम्मेदारी
अंबाला मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, यह अनुबंध तीन साल (1095 दिन) की अवधि के लिए किया गया है। हैदराबाद स्थित कंपनी मेगा कंस्ट्रक्शन को 22 जुलाई से इन सेवाओं का कार्यभार संभालना है, जो 21 जुलाई 2029 तक जारी रहेगा।
यात्रियों को मिलेगी सहूलियत
रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से स्टेशनों पर यात्रियों को ट्रेनों के आवागमन और कोच की स्थिति की जानकारी और अधिक सटीक व समय पर मिल सकेगी। कंपनी को इसके लिए प्रशिक्षित स्टाफ और पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजर) को तैनात करना होगा।
शर्तों में स्पष्टता, रेलवे के पास रहेगा नियंत्रण
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अनुबंध के दौरान सभी श्रम कानूनों का पालन करना कंपनी की जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा, रेलवे ने ऑप्शन क्लॉज भी रखा है, जिसके तहत जरूरत पड़ने पर काम की मात्रा में 25% तक बदलाव किया जा सकता है। एक महत्वपूर्ण शर्त यह भी है कि यदि भविष्य में रेलवे अपने स्वयं के स्टाफ को तैनात करता है, तो तीन महीने का नोटिस देकर अनुबंध को समय से पहले समाप्त भी किया जा सकेगा।
प्राथमिक चरण में इन स्टेशनों पर मिलेगी सुविधा
प्राथमिक चरण में यह सुविधा मंडल के अधीन 14 स्टेशनों पर दी जाएगी। इनमें
अंबाला कैंट, सिटी, सहारनपुर, चंडीगढ़, यमुनानगर-जगाधरी, कालका, मोहाली, राजपुरा, सरहिंद, खन्ना, पटियाला, धूरी, बठिंडा व अबोहर स्टेशन शामिल हैं। इस योजना के सफल होने के बाद अन्य स्टेशनों पर भी सुविधा को शुरू किया जाएगा। वहीं रेलवे द्वारा निर्धारित किए गए स्टेशनों पर तीन शिफ्टों में काम होगा और यहां प्रत्येक शिफ्ट में दो से तीन कर्मचारी तैनात रहेंगे।
रेलवे एक नई सुविधा शुरू करने जा रहा है। इसकी निगरानी की जाएगी ताकि कहीं कोई खामी हो तो उसे सुधारा जा सके। रोजाना फीडबैक भी लिया जाएगा, ताकि इस बदलाव की धरातल पर सही जानकारी मिल सके।
यशनजीत सिंह, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।