अंबाला सिटी। शहर में लंबे समय से अधर में लटकी महावीर पार्क, नौरंगराय तालाब और बाल भवन परियोजनाओं के पूरे होने की उम्मीद जगी है। बीते वर्षों में इन परियोजनाओं का बजट बार-बार रिवाइज होता रहा। इसके बावजूद अभी तक ये परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। अब ये परियोजनाएं जल्द ही पूरी होंगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इन परियोजनाओं को पूरा करने की अनुमति दे दी है।
इसको लेकर मुख्यमंत्री ने बीते दिनों नगर निगम आयुक्त की बैठक बुलाई थी। मुख्यमंत्री की ओर से शहर में महावीर पार्क के लिए करीब दो करोड़, नौरंगराय तालाब के लिए एक करोड़ और बाल भवन के लिए 4.50 करोड़ के बजट की अनुमति दी गई है। इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए नगर निगम जल्द ही निविदा लगाएगा। इसके साथ ही जड़ौत रोड का सामुदायिक भवन पांच करोड़ से बनेगा। यह भी बैठक में मंजूर हुआ है और सिंघावाला बारात घर की परियोजना को अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया है।
बार-बार बजट संशोधित होने की होगी जांच, मुख्यालय में लिखी चिट्ठी
दरअसल, बाल भवन, महावीर पार्क, नौरंगराय तालाब परियोजनाएं कम बजट में शुरू हुईं थी। मगर जैसे-जैसे इन पर कार्य चलता रहा, वैसे ही बजट भी बार-बार बढ़ता गया। यह बजट भी खत्म होने पर कार्य कछुआ चाल से चलने लगा और अब कार्य पिछले लंबे समय से बंद ही पड़ा है। मुख्यमंत्री ने शहर में हुए जनसंवाद कार्यक्रम में भी प्रदेश में बंद परियोजनाओं को लेकर जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि जल्द ही अधूरी परियोजनाओं को पूरा करवाया जाएगा। साथ ही पुराने बजट को लेकर जांच करवाई जा रही है। वहीं, शहर में बाल भवन, महावीर पार्क व नौरंगराय तालाब के बजट के बार-बार संशोधित होने की जांच करवाने के लिए नगर निगम आयुक्त डॉ. संगीता तेतरवाल ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग मुख्यालय को पत्र लिखा। मुख्यालय की अनुमति के बाद इन परियोजनाओं के पुराने बजट की जांच होगी। वहीं, मुख्यमंत्री की बैठक में इन परियोजनाओं के लिए जो बजट मंजूर किया गया है, वह नए सिरे से लगेगा।
महावीर पार्क के तालाब में उगी घास
शहर के महावीर पार्क में सड़क की तरफ बाहर बनाई गई सीमेंट की जालीदार दीवार टूटी पड़ी है। इस जालीदार दीवार में अंदर जाकर लोग शौचालय कर रहे हैं। यहां गंदगी फैली हुई है। पार्क के अंदर झाड़ियां और तालाब में बड़ी-बड़ी घास उग गई है। वहीं, श्मशान घाट की तरफ बनाई गई निगम की चारदीवारी से ग्रिल भी कई जगहों से गायब हैं। महावीर पार्क का कार्य अगस्त 2017 में शुरू हुआ था। तब इसकी अनुमानित लागत करीब नौ करोड़ रुपये थी। धीरे-धीरे काम बढ़ता गया और लागत करीब 18.48 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। पार्क का कार्य सितंबर 2019 तक पूरा होना था, लेकिन अभी तक अधूरा है।
नौरंगराय तालाब में गंदगी का आलम
नौरंगराय तालाब में सिर्फ भगवान वामन द्वादशी मेले पर ही निगम सफाई करवाता है। अभी यहां तालाब में गंदगी जमा है। हर तरफ लिफाफे पड़े हैं। यहां भी सड़क की तरफ सीमेंट की जालीदार दीवार बनाई गई, मगर लोगों ने इसे तोड़ दिया है। बीते दिनों मेले के उपलक्ष्य में यहां सफाई की गई थी, अब यहां बुरी स्थिति है। श्रद्धा और आस्था के प्रतीक नौरंगराय तालाब की महत्ता को देखते हुए इसके जीर्णोद्धार के लिए मुख्यमंत्री ने 2015 में घोषणा की थी। उस समय बजट तीन करोड़ रुपये तय किया गया था। इसके बाद बजट में बदलाव करते हुए इसे 12 करोड़ कर दिया गया था। 2017 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री राम विलास शर्मा ने नौरंगराय तालाब के जीर्णोद्धार के कार्य का आरंभ किया था। यह कार्य मार्च 2019 में पूरा होना था। जो पूरा नहीं हो पाया।
बाल भवन का कार्य भी पड़ा अधूरा
इस प्रोजेक्ट का कार्य भी काफी समय से अधूरा पड़ा है। बाल भवन के भवन का कुछ हिस्सा बनकर तैयार हो गया है। हालांकि इसका प्लास्तर अभी कार्य बंद होने से अधूरा पड़ा है। इस भवन के साथ ही कार्य अधूरा पड़ा है। सिर्फ सरिया डालकर ही कार्य बीच में छोड़ा गया है। यहां भी बड़ी-बड़ी घास उग चुकी है। करीब 10 करोड़ की लागत से बनने वाले बालभवन का निर्माण कार्य अधर में लटका पड़ा है। तीन साल पहले इस भवन का निर्माण कार्य पूरा होना था। अभी तक इसका निर्माण कार्य करीब 60 प्रतिशत ही पूरा हो सका है। 2016 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अंबाला शहर में 10 करोड़ रुपये की लागत से बालभवन की घोषणा की थी। इस घोषणा के दो साल बाद वर्ष 2017 में बालभवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। मार्च 2019 में इसका निर्माण कार्य पूरा होना था।
वर्जन
शहर के अधूरे परियोजनाओं महावीर पार्क, नौरंगराय तालाब और बाल भवन को पूरा करवाने के लिए मुख्यमंत्री ने बैठक ली थी। उन्होंने इन प्रोजेक्ट को पूरा करवाने के लिए बजट की अनुमति दे दी है। जल्द ही निविदा लगाकर परियोजनाओं का कार्य शुरू करवाया जाएगा। साथ ही जड़ौत रोड पर 5 करोड़ की लागत से सामुदायिक भवन बनेगा। सिंघावाला में बनने वाला बारात घर प्रोजेक्ट को अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया है।
डॉ. संगीता तेतरवाल, आयुक्त, नगर निगम।