अंबाला। अंबाला में एक बार फिर ममता दागदार हो गई। नारायणगढ़ थाना क्षेत्र की गोगा कॉलोनी में एक नवजात शिशु का शव झाड़ियों में मिला। कूड़े के ढेर में मिले इस नवजात को कुत्तों ने जगह-जगह से नोच रखा था।
राहगीर ने जब कुत्तों के झुंड को देखा तो आशंका हुई। उन्हें भगाने के बाद वाकया नजर आया। जब तक नवजात को कपड़े में लपेटकर नारायणगढ़ अस्पताल लाया तो वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नारायणगढ़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
बता दें कि सबसे पहले नवजात को नारायणगढ़ के कालाआंब की गोगा कॉलोनी निवासी अंकित कुमार ने देखा था। उधर, पुलिस ने नवजात का अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर उसे दफना दिया। पुलिस अब इलाके के सभी सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है, जिससे कि कोई सुराग लग सके।
अंबाला में नवजात मिलने का यह पहला नहीं बल्कि चौथा मामला है। इनमें से किसी भी मामले में पुलिस यह तक नहीं पता कर पाई है कि आखिर किसने नवजात को फैंका। सभी गुत्थी अनसुलझी पड़ी है। यहीं कारण है कि नवजात को लावारिस हालत में छोड़ने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। हालांकि गत दिवस बलदेव नगर थाना क्षेत्र में भी नवजात का शव मिला था लेकिन उसकी परिजनों का सुराग लग गया था।
पुलिस ने मांगा गर्भवतियों का डाटा
कालाआंब पुलिस चौकी प्रभारी एसआई धर्मपाल ने बताया कि अभी तक नवजात शिशु मामले में कोई सुराग नहीं लगा है। कुत्तों ने उसे नोचा था। अभी यह भी नहीं पता चला पाया है कि आखिर वह कितने समय से वहां पर था। इसलिए इलाके के सभी नर्सिंग अस्पतालों में जांच की जा रही है और उनसे गर्भवती महिलाओं का डाटा भी जुटाया जा रहा है ताकि कोई सुराग हाथ लग सके।
पहला मामला
अंबाला छावनी बस स्टैंड के शौचालय में 18 अक्तूबर 2022 को नवजात मिला था। यह शौचालय के दरवाजे के ठीक पीछे कपड़े में लिपटा हुआ था। उसके परिजनों का भी नहीं पता चल पाया।
दूसरा मामला...
छावनी के गवर्नमेंट कॉलेज के पास दो माह पहले गंदे नाले से नवजात बच्ची मिली थी। कुत्ता नाले से नवजात को अपने जबड़े में फंसाकर सड़क पर ले जा रहा था। इतना ही नहीं बच्ची की नाल भी साथ ही जुड़ी थी। स्थानीय दुकानदार की नजर नवजात पर पड़ी तो उससे छुड़ाया और डायल 112 को सूचित किया था।
तीसरा मामला
छावनी के पड़ाव थाना क्षेत्र स्थित डीआरएम कार्यालय के पास नवजात शिशु का शव मिला था। नवजात के शव को एक ऑटो चालक ने देखा था और उसकी सूचना सैर कर रहे रेलवे के रिटायर्ड चीफ ऑफिसर को दी थी। पुलिस ने उस समय मामले की जांच की थी।