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8 फीसद सुधार के साथ अंबाला के होनहारों ने बदला एक दशक का इतिहास

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उमेश भार्गव
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अंबाला। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के 12वीं के नतीजे अंबाला के लिए इस बार सुखदायी रहे। इस बार के परिणाम ने अंबाला पर लगे कलंक को धो दिया। वर्ष 2016 के बाद इस बार सबसे अच्छा परिणाम रहा। 2016 में अंबाला की प्रदेश में रैंकिंग 14वीं थी और उस समय जिले 21 थे। लेकिन इस बार अंबाला की स्टेट रैकिंग 12वीं रही और जिले भी 22 हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले एक दशक का यह सबसे अच्छा परिणाम रहा। गत दो वर्षों में अंबाला के होनहारों ने करीब 20 प्रतिशत परिणाम सुधरा जोकि सरकारी स्कूलों और शिक्षा विभाग के लिए वरदान से कम नहीं होगा। बता दें कि वर्ष 2019 में 12 फीसदी सुधार के साथ अंबाला का परिणाम 73 फीसदी रहा था। हालांकि इस बार भी 299 होनहार फेल हो गए और 1040 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई है।
बोर्ड के परिणाम से पहली बार ज्यादा रहा परिणाम
पिछले तीन साल की बात करें तो इस बार बोर्ड के कुल परिणाम से ज्यादा अंबाला के होनहारों का परिणाम रहा। गत वर्ष बोर्ड का कुल परिणाम 74.48 और अंबाला का परिणाम 73.63 था यानी बोर्ड के कुल परिणाम से करीब एक फीसदी कम। लेकिन इस बार बोर्ड का परिणाम 80.34 प्रतिशत रहा और जिले का कुल परिणाम 81.23 यानी बोर्ड से करीब एक प्रतिशत अधिक।
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आंकड़ों की जुबानी अंबाला के इतिहास की कहानी
वर्ष परीक्षा दी पास हुए पास प्रतिशता
2014 9516 6419 67.45
2015 8700 4689 53.89
2016 9557 5993 62.06
2017 6938 4432 63.88
2018 7695 4689 60.94
2019 5995 4414 73.63
2020 7133 5794 81.23
12वीं कक्षा में बढ़ी विद्यार्थियों की संख्या
इस बार 12वीं कक्षा की परीक्षा में 1138 अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया। मतलब एकदम साफ सरकारी स्कूलों पर अधिक भरोसा विद्यार्थियों ने इस बार जताया। हालांकि अभी भी यह संख्या 2018 के आंकड़े से करीब 562 कम है। आज तक 2014 में अंबाला जिले में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से 9516 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी और सबसे कम 5995 ने वर्ष 2019 में।
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