माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। ब्लैक फंगस से जूझ रही 53 वर्षीय बलजीत कौर की बेटी ने शहर जिला नागरिक अस्पताल के तीन डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। महिला की बेटी का कहना है कि आरोपी डॉक्टरोें ने जिस रिपोर्ट को देखने के बाद घर जाने की सलाह दी थी, पीजीआई चंडीगढ़ के डॉक्टरोें ने वही रिपोर्ट देखकर मां को ब्लैक फंगस होने की पुष्टि की है। उसकी मां का पीजीआई में तीन जून को गले और नाक का आपरेशन हो चुका है। बेटी ने मां के ठीक होने के बाद लापरवाही करने के आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज कराने की बात कही है।
मुज्ज्फरनगर की रहने वाली बलजीत कौर के पति कुलवंत सिंह ने बताया पत्नी 4 मई को ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में भर्ती हुई थीं। यहां 17 मई को उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। लेकिन उनकी दाढ़ में दर्द था। बेटी ने बताया कि मम्मी का सीटी स्कैन करवाया। सीटी स्कैन रिपोर्ट देखकर शहर नागरिक अस्पताल के तीन डॉक्टर ने कहा, कुछ नहीं है। आप ड्रामा कर रहे हैं, घर जाएं। हमें रिपोर्ट पर संदेह था। डॉक्टर कुछ सुनवाई नहीं कर रहे थे। इतना ही नहीं शुगर लेवल 700 तक जाने पर डाक्टरों ने इंसुलिन नहीं दिया। इसी कारण मेरी मम्मी को ब्लैक फंगस हो गया। इसकी पुष्टि बाद में 31 मई को हुई एमआरआई में हुई।
इसके बाद मम्मी को करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां दूसरे जिले की होने के कारण भर्ती करने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद दोबारा अंबाला नागरिक अस्पताल पहुंची और डॉक्टरोें के हाथ-पैर जोड़े, तब जाकर मम्मी को पीजीआई रेफर किया गया। पीजीआई के डॉक्टर ने 21 मई की सीटी स्कैन की रिपोर्ट देखकर बताया ब्लैक फंगस इसी में आ रहा है। आपने 13 दिन लेट कर दिया। इसके बाद 3 जून को मेरी मम्मी का ऑपरेशन हुआ है। मैं अंबाला शहर नागरिक अस्पताल के तीनों डॉक्टर पर केस जरूर करूंगी।
हमने महिला को समय पर रेफर कर दिया था। किसी भी तरह की कोई लापरवाही स्वास्थ्य विभाग की ओर से नहीं बरती गई। जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह गलत हैं। डॉ. कुलदीप सिंह, सिविल सर्जन अंबाला