अंबाला। शहर स्थित रोडवेज कार्यालय में पिछले कई वर्षों से क्लर्कों की भारी कमी है। इसके चलते रोडवेज की कई शाखाओं के काम प्रभावित हो रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि क्लर्क आते तो हैं मगर कुछ समय में अंबाला से तबादला करा लेते हैं।
मौजूदा समय में रोडवेज को 62 क्लर्कों की जरूरत है मगर 18 ही काम कर रहे हैं। इसमें से एक क्लर्क दिव्यांग भी है और वह भी सेवानिवृत्त होने वाला है। ऐसे में आने वाले समय 17 क्लर्क ही शेष रह जाएंगे। चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय से वर्ष 2018 में 22 क्लर्क अंबाला कार्यालय को दिए थे दो साल तक इन क्लर्कों ने अंबाला कार्यालय में काम किया। इसके बाद 2020 में 21 क्लर्क दूसरे जिलों में अपने तबादला करा के चले गए।
यही कारण है कि रोडवेज के पहिये उतनी गति से नहीं चल पा रहे हैं। इसी तरह 2023 में आई ऑनलाइन पॉलिसी के तहत अंबाला कार्यालय में आठ क्लर्क आए थे। छह महीने के अंतराल में यह सभी क्लर्क दूसरे जिलों में अपना तबादला करवाकर चले गए।
अब मिले 16 में से चार ने किया ज्वाइन
24 अक्तूबर को चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय से अंबाला डिपो को 16 क्लर्क के ऑर्डर किए गए लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद मात्र चार क्लर्क ही कार्यालय में आए और ड्यूटी ज्वाइन की जबकि 11 क्लर्क अभी तक नहीं आए। चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय से तीन बार क्लर्कों के आर्डर किए गए लेकिन यह क्लर्क कुछ ही महीनों में अंबाला से अपने तबादले करवाकर अन्य रोडवेज कार्यालयों में चले गए।
इन शाखाओं में क्लर्कों की कमी
शहर स्थित रोडवेज कार्यालय में स्थापना शाखा में पांच, वेतन शाखा में दो, लेखा शाखा में दो, एडीए शाखा में दो, पीएमए शाखा में एक, कंप्यूटर में एक, अकाउंट शाखा में तीन, डीजल पंप क्लर्क में छह और टिकट सत्यापन में 13 क्लर्क की जरूरत है। वहीं, एसपीए शाखा, लेजर शाखा और यातायात शाखा और पास शाखा में एक भी क्लर्क नहीं है। इन शाखाओं में दूसरे कर्मचारी या अधिकारियों से काम चलाया जा रहा है।
वर्जन
मुख्यालय से 16 क्लर्कों के आर्डर हुए हैं। इसमें से चार ने ज्वाइन कर लिया है, बचे क्लर्क जल्द ही ज्वाइन कर लेंगे।
अश्वनी डोगरा, महाप्रबंधक, अंबाला डिपो।