बड़े भाई की हत्या के मामले में सजायाफ्ता गुरमेज की उसके सगे भतीजे ने ही दरांतियों और तेजधार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी। 37 वर्षीय गुरमेज लॉकडाउन में पैरोल कर अपने गांव रौलों आया था। पांच साल पुरानी रंजिश के चलते गुरमेज के भतीजे ने साथियों और अपने परिवार के संग मिलकर हमला कर अपने पिता की मौत का बदला लिया। इस हत्या से गांव में दहशत फैल गई। वारदात को उस समय अंजाम दिया गया जब गुरमेज अपने घर से पैदल ही सब्जी लेने के लिए निकला था। घर से महज दो मीटर की दूरी पर ही उस पर हमला कर दिया। लहूलुहान हालत में गुरमेज को परिजन उपचार के लिए छावनी के नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बिगड़ती हालत को देखते हुए चंडीगढ़ सेक्टर-32 अस्पताल रेफर कर दिया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, लॉकडाउन में मर्डर कर हत्यारोपियों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
सिर से लेकर पांव तक शरीर के हर अंग पर किए वार: हमलावरों के सिर पर बदला लेने का जुनून इस कद्र सवार था कि जैसे ही गुरमेज को गली के बाहर अकेला पाया तो उस पर दरांती से हमला कर दिया। हालांकि गुरमेज पर हमले की भनक लगते ही पिता बलजीत, बड़े भाई का बेटा व गुरमेज की पत्नी भागकर बीच बचाव करने लगे। बावजूद हमलावरों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। बदले की आग लिए एक के बाद एक वार करते रहे। उन्होंने गुरमेज के सिर से लेकर गर्दन व पूरेेेेेे शरीर को दरांती व तेजधार हथियार से काट दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद वाहन में सवार होकर फरार हो गए।
चार भाईयों में से अब एक ही बचा: मृतक गुरमेज पर अपने ही बड़े भाई की हत्या में दोषी करार दिया गया था। कोर्ट ने उसे बीस साल की सजा सुनाई थी। बता दें कि गुरमेज कुल चार भाई थे। एक भाई की पहले ही बीमारी से मौत हो गई थी। बाकि तीनों पास-पास रहते थे। करीब पांच साल पहले गुरमेज की अपने बड़े भाई गुरदयाल से घरेलू कलह के चलते बहस हो गई थी। इस बीच बड़े भाई की मौत हो गई थी और परिजनों ने गुरमेज पर हत्या के आरोप लगाए थे।
गुरमेज की पत्नी पूजा की टांग में लगा तेजधार हथियार : हमलावर जब गुरमेज पर तेजधार हथियार से हमला कर रहे थे तो पत्नी पूजा भी बीच बचाव करने पहुंची। इस दौरान पूजा की टांग में तेजधार हथियार लगने पर वह लहूलुहान हो गई। अस्पताल से लौटने के बाद पूजा ने गांव में ही अपना प्राथमिक उपचार करवाया और पुलिस को अपने बयान दर्ज करवाए। पूजा का कहना कि उनकी शादी को करीब तेरह साल पहले हुई थी। गुरमेज के हृदय में दिक्कत थी और उसे जेल से ही छावनी के नागरिक अस्पताल के हार्ट सेंटर में उपचार के लिए लाया जाता था।
भतीजे के साथियों ने पहले की थी बहस, बाद में अकेला पाकर किया हमला : गुरमेज पर हमले से पहले हमलावर भतीजे के तीन साथियों ने गली के अंदर ही रोककर पहले उससे बहस की थी। उस समय तो मामला शांत हो गया और वह अपने-अपने घर चले गए। कुछ देर बाद ही गुरमेज सब्जी लेने के लिए अकेला निकला तो पहले से घात लगाए बैठे भतीजे व उसके साथियों सहित परिजनों ने हमला कर दिया। मौके पर मौजूद दूसरे भाई के बेटे रणदीप सिंह उर्फ दिप्पी ने बताया कि हमलावरों ने पहले अपनी गाड़ी से टक्कर मारी और गिरने के बाद हमला कर दिया।