बजट बैठक में करीब 181 करोड़ 19 लाख रुपये का बजट पास किया गया। इसके बाद हुई साधारण बैठक में मेयर शैलजा सचदेवा ने सभी एजेंडों को बिना चर्चा के स्वीकृति दे दी। मेयर का कहना था कि एजेंडे सर्वसम्मति से पास हो चुके हैं, इसलिए बहस की जरूरत नहीं।
अंबाला नगर निगम की बजट व साधारण बैठक सोमवार को महज कुछ ही मिनटों में खत्म कर दी गई, जिससे कांग्रेस पार्षदों में नाराजगी फैल गई। बैठक में कुल 14 एजेंडे रखे गए, जिन्हें बिना किसी चर्चा के सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। कांग्रेस पार्षद चर्चा की मांग करते रहे, लेकिन उनकी एक न सुनी गई और बैठक को समाप्त घोषित कर दिया गया।
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बजट बैठक में करीब 181 करोड़ 19 लाख रुपये का बजट पास किया गया। इसके बाद हुई साधारण बैठक में मेयर शैलजा सचदेवा ने सभी एजेंडों को बिना चर्चा के स्वीकृति दे दी। मेयर का कहना था कि एजेंडे सर्वसम्मति से पास हो चुके हैं, इसलिए बहस की जरूरत नहीं। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का काम है सिर्फ कमियां निकालना।
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दूसरी ओर, भाजपा पार्षदों ने बजट की सराहना की और कांग्रेस पर बेवजह हंगामा करने का आरोप लगाया। भाजपा पार्षदों ने कहा कि हर पार्षद को एक-एक करोड़ रुपये का बजट मिल रहा है, जिससे वार्डों में बेहतर विकास कार्य कराए जा सकेंगे।
कांग्रेस पार्षद मिथुन वर्मा ने बैठक में अपनी बात रखने की भरपूर कोशिश की। उन्होंने वित्त एवं अनुबंध समिति के पुनर्गठन का मुद्दा भी उठाया, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया। नाराज मिथुन वर्मा ने इस प्रक्रिया को लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कहा कि बिना चर्चा के निर्णय लेना जनप्रतिनिधियों का अपमान है।