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अंबाला: सांसद रतनलाल कटारिया से दो वर्ष में ही वापस लिया गया केंद्रीय मंत्री पद, सैलजा ने 10 साल संभाली थी कमान

Wed, 07 Jul 2021 10:04 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)

सार

दो साल पहले अंबाला के लोगों को केंद्रीय मंत्री के रूप में तोहफा मिला था। जिले के सांसद रतनलाल कटारिया को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में केंद्रीय राज्यमंत्री बनाया गया। लेकिन दो साल में ही उनसे यह पद वापस ले लिया गया। अंबाला लोकसभा सीट से सबसे पहले भाजपा के पूर्व सांसद सूरजभान केंद्रीय मंत्री बने थे। हालांकि वह महज 13 दिन ही इस पद पर रहे। 
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अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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अंबाला लोकसभा सीट से भाजपा सांसद रतनलाल कटारिया से केंद्रीय मंत्री पद वापस ले लिया गया है। कटारिया दो साल पहले मई 2019 में लगातार दूसरी बार सांसद निर्वाचित हुए थे। तीसरी बार सांसद बने कटारिया को जल शक्ति मंत्रालय, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया गया था। 

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कटारिया ने रिकॉर्ड 57 प्रतिशत वोट हासिल कर कांग्रेस की कुमारी सैलजा को 3 लाख 42 हजार वोटों से हराया था। इससे पहले कटारिया ने वर्ष 2014 और वर्ष 1999 के लोकसभा चुनावों में अंबाला लोकसभा सीट से चुनाव जीता था। कटारिया हरियाणा प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भी रहे चुके हैं। 

कटारिया की पत्नी बंतो देवी कटारिया को गेल (गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में 2018 में बतौर गैर-सरकारी स्वतंत्र डायरेक्टर के रूप में मनोनीत किया गया था। उनके पुत्र चंद्रकांत कटारिया दिसंबर, 2019 में हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) में चयनित होकर राज्य सरकार में प्रथम श्रेणी अधिकारी हैं।

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सूरजभान को सबसे पहले मिली थी कमान

अंबाला शहर निवासी अधिवक्ता हेमंत के अनुसार सबसे पहली बार 25 वर्ष पूर्व मई, 1996 में अंबाला से चौथी बार सांसद बने भाजपा के सूरजभान को केंद्र में तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी की पहली सरकार में केंद्रीय कृषि मंत्री बनाया गया था। यह सरकार 13 दिन में ही गिर गई थी। हालांकि सूरजभान इसके बाद लोकसभा के उपाध्यक्ष निर्वाचित हो गए थे। 

फरवरी, 1998 में हुए लोकसभा चुनावों में सूरज भान बसपा के अमन कुमार नागरा से हार गए। इस कारण वह वाजपेयी की अगली 13 महीने की सरकार में मंत्री नहीं बन पाए थे। हालांकि वाजपेयी सरकार ने सूरजभान को पहले उत्तर प्रदेश और फिर हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल और बाद में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का चेयरमैन बनाया था।

सैलजा का इस तरह रहा रिकॉर्ड
2004 और 2009 में जीतने से पहले हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष कुमारी सैलजा सिरसा लोकसभा सीट से 1991 और 1996 में सांसद रह चुकी हैं। वह वर्ष 1992-95 में तत्कालीन कांग्रेस की नरसिम्हा राव सरकार में पहले केंद्रीय उपमंत्री फिर 1995 -96 में केंद्रीय राज्य मंत्री रही थीं। इसके बाद मनमोहन सिंह की पहली यूपीए-1 सरकार में उन्हें वर्ष 2004 -2009 तक केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। इसके बाद मई 2009 में यूपीए-2 सरकार में उन्हें कैबिनेट रैंक का मंत्री बना दिया था।
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