एसपी अंबाला ने बताया कि हाईवे पर जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। पुलिस ने उपद्रवियों और प्रदर्शनकारियों से कई दौर की बातचीत कर शांतिपूर्ण तरीके से जाम खुलवाने का आग्रह किया, लेकिन उपद्रवियों का इरादा मामला सुलझाने का नहीं था।
चंडीगढ़ हाईवे पर लगा जाम आखिरकार सात घंटे बाद लाठीचार्ज के बाद खुल गया। अंबाला एसपी अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि लगाए गए जाम को खुलवाने पहुंची पुलिस टीम पर उपद्रवियों ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। भीड़ में शामिल शरारती तत्वों ने धारदार हथियारों से हमला बोल दिया, जिसमें एक डीएसपी क्राइम वीरेंदर गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका हाथ बुरी तरह कट गया। इस हमले में 5 से 6 अन्य पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, कई किसान भी चोटिल हो गए।
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बातचीत विफल, अंधेरा होते ही किया हमला
एसपी अंबाला ने बताया कि हाईवे पर जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। पुलिस ने उपद्रवियों और प्रदर्शनकारियों से कई दौर की बातचीत कर शांतिपूर्ण तरीके से जाम खुलवाने का आग्रह किया, लेकिन उपद्रवियों का इरादा मामला सुलझाने का नहीं था। जैसे ही अंधेरा होने लगा व भीड़ में छिपे शरारती तत्वों ने भाले, फरसे, तलवारें और कुल्हाड़ियों जैसे घातक हथियारों से पुलिसकर्मियों पर अचानक हमला कर दिया।
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गैस टैंकर का ड्राइवर डराया, चाबियां छीनीं
एसपी अंबाला अजीत सिंह के मुताबिक उपद्रवियों ने स्थिति को और गंभीर बनाने की नीयत से हाईवे पर फंसे एक गैस टैंकर के चालक से चाबी छीन ली और उसे डरा-धमकाकर भगा दिया। पुलिस प्रशासन द्वारा बार-बार आग्रह करने के बावजूद टैंकर को हटने नहीं दिया गया, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना रहा। इसके अलावा अन्य कई वाहनों की चाबियां भी छीन ली गईं ताकि जाम को खुलने न दिया जाए। हालातों को काबू में करने और उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को बल प्रयोग कर हाईवे को क्लियर कराना पड़ा।
पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस टीम और डीएसपी पर जानलेवा हमला करने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले सभी शरारती तत्वों को चिन्हित किया जा रहा है। उनके खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।