अंबाला। 16 वर्ष में 10 से अधिक आतंकी साजिश के मामले सामने आने के बाद अंबाला सुरक्षा एजेंसियों की अति संवेदनशील सूची में आ गया है। खालिस्तानी आतंकवादी और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की ओर से से लगातार ये साजिशें की जा रही हैं।
अंबाला के नजदीक शंभू और राजपुरा के बीच में डीएफसीसीआईएल फ्रेट कॉरिडोर को निशाना बनाना भी एक साजिश का हिस्सा है। आतंकियों ने इस जगह को इसलिए चुना क्योंकि इस क्षेत्र में दूर-दूर तक कोई सीसीटीवी नहीं है इसलिए इनका सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ में आना मुश्किल है। कॉरिडोर पर विस्फोट के बाद रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने इस बात की पुष्टि की। अब कॉरिडोर पर कैमरे लगाने का जल्द फैसला लिया जा सकता है।
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एयरफोर्स स्टेशन के पास कैमरा लगा राफेल की मूवमेंट पर नजर : इसी साल अप्रैल में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अंबाला के नग्गल थाना क्षेत्र के मलौर गांव में एक संदिग्ध सोलर पावर संचालित सीसीटीवी कैमरा बरामद किया था। यह कैमरा एक खंभे पर लगाया गया था। यह कैमरा बकनौर स्थित एयरफोर्स स्टेशन से महज 5-6 किलोमीटर की दूरी पर लगाया गया था। इस कैमरे से राफेल व एयरफोर्स के अन्य लड़ाकू विमानों की गतिविधि पर नजर रखी जाने की आशंका जताई जा रही थी।
इसी प्रकार कुछ दिन बाद फिर से पुलिस को नेशनल हाईवे पर दो कैमरे मिले थे। जांच में सामने आया है कि आईएसआई की ओर से ऐसे कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा था जो सिम कार्ड और सोलर पैनल से लैस हैं। इसके जरिए पाकिस्तान में बैठे आकाओं को सैन्य ठिकानों और अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों का लाइव डाटा भेजा जा रहा था।