बहुजन समाज पार्टी (बसपा) हरबिलास की पांच गोलियां मारकर की गई हत्या की जिम्मेदारी दो लाख के ईनामी बदमाश वेंकट गर्ग ने ली है। फरार होने के तीन दिन बाद वेंकट गर्ग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते हुए कहा कि नारायणगढ़ कॉम्प्लेक्स में जो हत्याकांड हुआ है, वो मैंने किया है। जो भी हमारे खिलाफ वालों का साथ देगा या कोई संबंध रखेगा, उसका यही हाल करूंगा। किसी को तंग न करें। मेरा किसी गैंग से कोई लिंक नहीं है।' सब्र करो सबका हिसाब होगा। यह तो शुरुआत है।
इस पोस्ट के बाद पुलिस प्रशासन भी ओर गंभीर हो गया है। साइबर सैल की मदद लेते हुए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। दरअसल, वेंकट गर्ग सहित अजय, अरूण, साहिल, मनीष मित्तल, तुषार, नेहाल व महिला अंजू गर्ग पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। 27 जनवरी को इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को काबू कर लिया है।
नारायणगढ़ व अंबाला कोर्ट में वकीलों का वर्क सस्पेंड
मृतक हरबिलास पिछले 15 साल से नारायणगढ़ बार एसोसिएशन का भी सदस्य था। इसलिए मंगलवार को सुबह से ही वकीलों ने अंबाला व नारायणगढ़ कोर्ट में वर्क सस्पेंड कर रखा है। वकीलों की मांग है कि जल्द से जल्द सभी आरोपियों को पकड़ा जा सके। दरअसल, 27 जनवरी को भी पंजाब-हरियाणा के वकीलों ने वर्क सस्पेंड किया था। साथ ही वकीलों ने आरोपितों की पैरवी न करने का भी निर्णय लिया था।
कौन है वेंकट गर्ग
वेंकट गर्ग अपराधिक प्रवृत्ति का है। अंबाला, यमुनानगर सहित अन्य शहरों में वेंकट गर्ग पर करीब आधा दर्जन मामले दर्ज है। कुछ मामलों में वह लंबे समय तक जेल भी काट चुका है। नारायणगढ़ में ही रहने वाले वेंकट गर्ग ने सबसे पहले मोनू राणा गैंग संग मिलकर अपराध की दुनिया में कदम रखा था। मोनू राणा गैंग के सदस्य काला राणा की दुश्मनी का बदला लेने के लिए वेंकट गर्ग ने अन्य साथियों संग मिलकर एक व्यक्ति पर गोलियां बरसाई थी।
उसके बाद साहिल राणा को भी मारने का प्रयास किया था। इस तरह से वह एक के बाद एक अपराध करता रहा। कुछ समय बाद वेंकट की मोनू राणा गैंग से ही अनबन हो गई। बाद में वह अपने इलाके के ही कुछ एक युवकों को जोड़कर अपना गैंग चलाने लगा। गत वर्ष ही वेंकट गर्ग पर नारायणगढ़ के एक निजी रेस्तरां में हमला हुआ था। हमलावरों ने वेंकट गर्ग की टांगे तोड़ दी थी। बताया जाता है कि वेंकट की अभी शादी नहीं हुई है। वह अपने मां व भाई के संग रहता है।