अंबाला रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय ए-वन स्टेशन बनाए जाने की दिशा में एक कदम और बढ़ गया है। इस रेलवे स्टेशन को रोडमैप तैयार कर लिया गया है, जिसे फ्रांसिसी राष्ट्रीय रेलवे के विशेषज्ञों ने अंबाला रेल मंडल के अफसरों और सांसद रतनलाल कटारिया के समक्ष पेश कर दिया है।
इस रोडमैप पर सांसद, रेलवे अफसरों, फ्रांस के विशेषज्ञों समेत विभिन्न शहरों के विभिन्न उद्यमियों ने चर्चा की और अपने-अपने सुझाव दिए। इस दौरान कई चुनौतियों पर माथापच्ची भी हुई। इस दौरान विशेषज्ञों की टीम ने रेलवे अफसरों को अंबाला स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाने के लिए दो ऑप्शन प्रोजेक्ट रोडमैप के रूप में रेलवे अफसरों व सांसद के समक्ष रखे और इस पर विस्तार से चर्चा की।
सुझावों के बाद इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट को मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे की विशेष कमेटी के पास भेजा जाएगा, यही स्पेशल कमेटी इसका अध्ययन कर इसे मंजूरी देगी, जिसके बाद इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा।
तीन और प्लेटफार्म बनेंगे, ट्रैक ऊंचे उठेंगे
इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट को आगामी वर्षों में यात्रियों और गाड़ियों की बढ़ने वाली संख्या को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत स्टेशन पर मौजूदा 7 प्लेटफार्मों की संख्या बनाकर 10 कर दी जाएगी। यहां स्टेशन पर बने बीसीएन डिपो को हटाकर उसकी जगह तीन नए प्लेटफार्म बनाए जाएंगे। साथ ही सभी प्लेटफार्मों पर रेलवे ट्रैकों को ऊंचा उठाया जाएगा और इन ट्रैकों की शानदार लुक के लिए विशेष एप्रोन तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा हर प्लेटफार्म में सीढ़ियों के साथ-साथ दिव्यांगों, बीमार व बुजुर्गों के लिए एसक्लेटर लगाए जाएंगे।
इको फ्रेंडली होगा रेलवे स्टेशन
अंबाला के प्रस्तावित ए-वन स्टेशन को पर्यावरण के लिहाज से इको फ्रेंडली बनाया जाएगा। इसके लिए विभिन्न प्लेफार्मों के पास और रेलवे परिसर के ईद-गिर्द पेड़ लगाए जाने का भी प्रोजेक्ट है। फ्रंासिसी विशेषज्ञों की मानें तो इको फ्रेंडली होने के साथ-साथ पेंड़ों से स्टेशन और प्लेटफार्मों की लुक भी बढ़ेगी और पर्यावरण भी अच्छा रहेगा।
बाढ़ से सुरक्षित रहेगा अंबाला स्टेशन
अंबाला से एक बाढ़ग्रस्त इलाका है। कई बार ऐसा हुआ है कि स्टेशन भी बाढ़ की जद में आया है और रेलवे ट्रैक तक डूबे हैं। प्रस्तावित प्रोजेक्ट में इस बात का भी ख्याल रखा गया है। प्रोजेक्ट के तहत विशेषज्ञों ने निकासी के लिए एक बड़ा अंडर ग्राउंड नाला और तीन बड़े-बड़े विशालकाय अंडरग्राउंड टैंक बनाए जाने का प्रस्ताव किया है। इसमें बरसात का सारा पानी समा जाएगा और इन टैंकों में स्टोर पड़ा रहेगा। इस पानी का इस्तेमाल रेलवे पौधों को पानी देने, प्लेटफार्म वाशिंग इत्यादि कामों में कर सकता है। इससे स्टेशन डूबने से भी बच जाएगा और पानी का भंडारण भी हो जाएगा।
रिजर्व-अनरिजर्व यात्रियों की एंट्रेंस अलग
फिलहाल इस स्टेशन परिसर में तीन एफओबी यानि फुट ओवरब्रिज बनाए जाएंगे ताकि स्टेशन परिसर में जाम जैसी कोई दिक्तत पैदा न हो। इसके अलावा रिजर्व और अनरिजर्व टिकट खरीदने वाले यात्रियों की एंट्रेस भी अलग-अलग रहेगी। एक ब्रिज स्टेशन में एंट्रेस होगी, दूसरे ब्रिज से एग्जिट और तीसरे ब्रिज पर कॉमन आवाजाही रहेगी।
एयरपोर्ट लुक, स्टेशन के भीतर शानदार सुविधाएं
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के बाहर लुक भी एयरपोर्ट की भांति होगी। विशेषज्ञों ने अपने ऑस्ट्रेलिया में चल रहे एक स्टेशन का खाका भी अंबाला रेल अफसरों को दिखाते हुए बताया कि यहां स्टेशन के भीतर भी यात्रियों की सुविधाओं के लिए विभिन्न प्रोजेक्ट तैयार होंगे। प्लेटफार्म पर सिर्फ यात्रियों से जुड़े ऑफिस होंगे, बाकी रेलवे के ऑफिस यहां से हटकर पहली मंजिल पर शिफ्ट होंगे।
बस स्टैंड लिंक और अवैध एंट्री पर माथापच्ची
अंबाला के डीआरएम दिनेश कुमार और सीनियर डीसीएम प्रवीण गौड़ द्विवेदी ने दो खास मुद्दे फ्रांसिसी राष्ट्रीय रेलवे के विशेषज्ञों के समक्ष रखे। डीआरएम ने विशेषज्ञों से कहा कि अंबाला में रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड आमने-सामने हैं। बहुत से लोग स्टेशन से निकलते ही बस स्टैंड पर जाते हैं। लेकिन हैवी रश की वजह से यात्रियों को अपने सामान और परिजनों को नेशनल ह्राईवे पार कर सड़क के दूसरे छोर पर बने बस स्टैंड पहुंचने में खासी परेशानी होती है।
इसलिए विशेषज्ञ प्रोजेक्ट में इस बात का भी ध्यान रखे। विशेषज्ञों ने डीआरएम को बताया कि इस बारे में दो विकल्प हो सकते हैं या तो बस स्टैंड को ही स्टेशन परिसर में शिफ्ट करवा दिया जाए या फिर स्टेशन से बस स्टैंड तक पहुंचने के लिए हाईवे के नीचे से अंडरग्राउंड लिंक दिया जाए।
खैर, विशेषज्ञों ने अभी इस मसले को पेंडिंग में रख लिया। उधर, सीनियर डीसीएम प्रवीण गौड़ द्विवेदी ने स्टेशन में अवैध एंटी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यहां करीबन 9 ऐसे रास्ते हैं, जहां से कोई भी स्टेशन में घुस सकता है, जो कि सुरक्षा के लिहाज से भी ठीक नहीं है। विशेषज्ञों ने सीनियर डीसीएम को बताया कि फिलहाल मेन एंट्रेस तो रहेगी, लेकिन इसके अलावा एक छोटी सी एंट्रेस रेलवे कॉलोनी साइड पर भी रहेगी। उसके अलावा स्टेशन की एंट्री कैसे बंद करनी है, उस पर भी अध्ययन कर लिया जाएगा। इसके अलावा भी कई और भी मसलों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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वर्जन
फ्रांस के विशेषज्ञों, सांसद व व्यवसायियों से इस मसले पर चर्चा हुई है। विशेषज्ञों ने अभी अपने टू ऑप्शन प्रोजेक्ट पेश किए हैं। दोनों ही बेहतर हैं, लेकिन अभी इसमें कुछ और बेहतरी की जरूरत है। इसलिए कई तरह के सुझाव भी विशेषज्ञों को दिए गए हैं। जल्द ही अंबाला को ए-वन स्टेशन बनाने का प्रोजेक्ट फाइनल कर दिया जाएगा।
-दिनेश कुमार, डीआरएम, अंबाला रेल मंडल-
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विशेषज्ञों को कुछ जरूरी सुझाव दिए गए हैं। विशेषज्ञों ने अपनी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट अफसरों के समक्ष पेश की है। कई उद्यमियों से भी इस बाबत चर्चा हुई है, क्योंकि से प्रोजेक्ट एक प्राइवेट पार्टनरशिप प्रोजेक्ट है, इसलिए उनके सुझाव भी जरूरी थे। जल्द ही स्पेशल कमेटी इन टू ऑप्शन परियोजना को फाइनल करेगी, उसके बाद काम शुरू हो जाएगा।
-प्रवीण गौड़ द्विवेदी, सीनियर डीसीएम, अंबाला-
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अंबाला की जनता के लिए यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा तोहफा है। स्टेशन तैयार होने के बाद ये अंबाला के लिए एक खास उपलब्धि होगा। देशभर में जिन्हें ए-वन स्टेशन घोषित किया गया है, उनमें से अंबाला ही ऐसा स्टेशन है, जहां ये काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री व रेलमंत्री सुरेश प्रभु की ओर से इस परियोजना में फंड की भी कमी न आने का आश्वासन दिया गया है। इससे यात्रियों को सुविधाएं मिलने वाली हैं।
-रतन लाल कटारिया, सांसद, अंबाला लोकसभा