अंबाला शहर रोडवेज वर्कशाप परिसर में बनने वाले आधुनिक बस स्टैंड की लागत में बढ़ोतरी होगी। अभी इसका अनुमानित बजट बीस करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जबकि रोडवेज विभाग पीडब्ल्यूडी विभाग से रिवाइज्ड बजट मांगेगा। निर्माण सामग्री की कीमतों में आए उछाल के कारण यह हो रहा है।
दूसरी ओर जनता भी नए बस स्टैंड की इंतजार में है, लेकिन अभी तक इस पर संशय बना हुआ है कि यह कब शुरू होगा। सरकार ने वर्ष 2007 में शहर में बनने वाले नए बस स्टैंड की घोषणा की थी।
लेकिन इसके बाद से मामला इस तरह से उलझता चला गया कि सात साल गुजरने के बावजूद अभी तक यह पता नहीं है कि इसका निर्माण कब शुरू होगा। सबसे पहले रोडवेज विभाग के इस नए बस स्टैंड के निर्माण के लिए शहर में कई जगहों का मुआयना किया गया, लेकिन मामला नहीं बन पाया।
इसके बाद यह फाइनल हुआ कि बस स्टैंड शहर रोडवेज कार्यालय परिसर में बनाया जाएगा। इसके बाद घोषणा तो हुई, लेकिन मामला लटकता चला गया। पहले मामला भूमि अधिग्रहण में उलझा, जिसके बाद पेंच बिजली विभाग की जमीन में उलझ गया। इसी दौरान एक याचिकाकर्ता ने इस मामले को लेकर जनहित याचिका दायर कर दी, जिसका जवाब रोडवेज विभाग ने दिया और मामला ठंडा हुआ।
उधर, अब मामला इसके बजट को लेकर भी है। इस बस स्टैंड के निर्माण का बजट करीब बीस करोड़ रुपये रखा गया है, लेकिन बताते हैं कि यह अब नाकाफी रहेगा।
इतनी राशि में इस बस स्टैंड का निर्माण नहीं हो सकेगा, क्योंकि इस दौरान निर्माण सामग्री के रेटों में भारी उछाल आया है। अब रोडवेज विभाग पीडब्ल्यूडी विभाग से इसका रिवाइज्ड बजट मांग रहा है ताकि पता चल सके कि यदि इस समय बस स्टैंड का निर्माण शुरु किया जाता है, तो इसकी लागत क्या आएगी। माना जा रहा है कि यह राशि बीस करोड़ से कहीं अधिक हो सकती है।
शहजादपुर बस स्टैंड की बढ़ी थी लागत
रोडवेज विभाग द्वारा शहजादपुर में बस स्टैंड की योजना बनाई, जिस पर बजट करीब अस्सी लाख रुपए रखा गया। लेकिन यह मामला लगातार लटकता रहा है और धीरे-धीरे यह बजट भी बढ़ गया।
इस बस स्टैंड को पूरा करने में भी कई साल लग गई और लगत एक करोड़ से कहीं अधिक तक पहुंच गई। बताया जाता है कि इसके निर्माण पर लगभग सवा करोड़ रुपए खर्च हो गए। यदि तय समय में यह बनाया जाता, तो निर्माण लागत ज्यादा न होती।