अंबाला। कष्ट निवारण समिति की बैठक से पहले पंचायत भवन अंबाला शहर के बाहर विरोध करने वाले 250 किसानों पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। शहर थाना पुलिस ने इस मामले में सेक्टर-9 के उपनिरीक्षक सुरेश कुमार की शिकायत पर देर रात जान से मारने की धमकी देने, सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करने, धारा 144 तोड़ने और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट सहित विभिन्न धाराएं लगाई हैं।
शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-9 थाने के उपनिरीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने सोमवार को पंचायत भवन में कष्ट निवारण की बैठक लेनी थी। कानून व्यवस्था के चलते मैं, उप निरीक्षक होशियार सिंह, उप निरीक्षक कृष्ण लाल, एसआई रवि कुमार, सिपाही जयपाल, गुरविन्द्र सिंह, संजय कुमार, रविश कुमार, रोहित कुमार, निरीक्षक राजकुमार, एसपीओ रणधीर सिंह, एसपीओ सुरेन्द्र सिंह, हरदीप सिंह,गोविंद, संतोष कौर, हरदीप कौर, सिपाही ममता हिसार रोड पर सिटी प्लाजा के सामने बैरिकेडिंग पर तैनात थे। सुबह करीब 10 बजे लगभग 250 किसान शेखो पेट्रोल पंप के सामने एकजुट हो गए।
ये किसान पंचायत भवन में होने वाली कष्ट निवारण समिति की बैठक में बाधा डालना चाहते थे। इनको पंचायत भवन में जाने से रोकने के लिए मैंने और अन्य कर्मचारियों ने मना किया लेकिन ये सभी पंचायत भवन की तरफ चल पड़े। रोकने की कोशिश की तो धक्का-मुक्की करते हुए बैरिकेडिंग नीचे गिराकर एक तरफ फेंकते हुए आगे बढ़ गए। किसानों की भीड़ में से कुछ ने मुझे धक्के मारते हुए मेरे दाहिने हाथ का अंगूठा मरोड़ दिया। उग्र भीड़ सरकार के विरुद्ध नारे लगाते हुए नाका पर मौजूद कर्मचारियों को उनके रास्ते से न हटने पर जान से मारने की धमकी देते हुए पंचायत भवन के सामने पहुंच गई। इसी कारण बैठक भी स्थगित करनी पड़ी।