अंबाला। टांगरी नदी उफान पर आने के बाद बार-बार बाढ़ से हालातों का दंश झेल रहे कैंट के औद्योगिक क्षेत्र से पलायन की तैयारी शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग पांच अलग-अलग बिल्डिंग में चल रहे अपने वेयरहाउस के गोदामों को खाली कर दुखेड़ी गांव में स्थापित करेगा। अक्तूबर के अंत तक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। नए वेयरहाउस की जमीन से करीब पांच से छह फीट की ऊंचाई है, जिस कारण जलभराव का खतरा टल जाएगा।
वर्ष 2013 में बाढ़ आने के कारण विभाग को 7 करोड़ रुपये की दवाओं का नुकसान झेलना पड़ा था। इस बार 3 सितंबर को बने बाढ़ से हालात के कारण एक वेयरहाउस का भूतल जलमग्न हो गया था। हालांकि दवाइयां पहली मंजिल पर शिफ्ट होने के कारण बच गई थी लेकिन अब दीवारों में सीलन के कारण नमी का खतरा बढ़ गया है।
दुखेड़ी में एक ही छत के नीचे होगा विभाग का वेयरहाउस
कैंट के औद्योगिक क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 2013 में वेयरहाउस बनाया गया था। पर्याप्त जगह न होने के कारण वेयरहाउस में आनी वाली दवाओं के लिए पांच अलग-अलग गोदाम किराये पर लिए हुए थे। जो अलग-अलग फैक्टरी में चल रहे थे। जब भी दवाओं की सप्लाई होती थी तो अलग-अलग गोदाम के चक्कर लगाने पड़ते थे। दुखेड़ी में पांचों गोदाम की दवा एक ही छत से नीचे रखने की पर्याप्त व्यवस्था है। ऐसे में अलग-अलग गोदामों का किराया देने से भी विभाग बचेगा।
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नए गोदाम में रखा जाएगा दवाओं का स्टॉक
इस वेयरहाउस से अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर के नागरिक अस्पतालों में दवाएं भेजी जाती है। विभाग अक्तूबर माह के अंत तक इसे शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है। यहीं कारण है कि वेयरहाउस में आने वाले नए दवाओं के स्टॉक को दुखेड़ी में ही रखा जा रहा है ताकि बार-बार शिफ्टिंग से बचा जा सके। इस वेयरहाउस में 503 तरह की दवा उपलब्ध है। इसमें इंजेक्शन से लेकर गोलियां, ग्लूकोज, पट्टी आदि उपलब्ध रहता है।
इसलिए करना पड़ रहा शिफ्ट
कैंट के औद्योगिक क्षेत्र के निकट 700 मीटर की दूरी पर टांगरी नदी बहती है। इस नदी के उफान पर आने के बाद कई बार पानी आसपास की कॉलोनियों सहित औद्योगिक क्षेत्र में भी मार करता है। 2023 में भी इसी नदी के चलते बाढ़ आ गई थी। इस बार भी नदी के पानी ने चंदपुरा के पास से मार की थी। जो औद्योगिक क्षेत्र में घुस गया था।
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दुखेड़ी गांव में वेयरहाउस के लिए जगह चुनी गई है। अक्तूबर माह के अंत तक कैंट के औद्योगिक क्षेत्र की पांच अलग-अलग बिल्डिंग में बने वेयरहाउस के गोदामों को खाली कर शिफ्ट करने की उम्मीद है।
डॉ. विशाल गुप्ता, प्रभारी, वेयरहाउस अंबाला
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