अंबाला। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएचएआई) अंबाला को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए अंबाला रिंग रोड परियोजना के तहत निर्माण कार्य कर रहा है। इस परियोजना का लाभ अब लोगों को देरी से मिलेगा। सब कुछ ठीक रहा तो नए साल में जून तक ही यह परियोजना अब पूरी हो सकेगी। रिंग रोड पर चलने के लिए लोगों को नौ माह और इंतजार करना होगा। एनएचएआई ने इसको पूरा करने का लक्ष्य अक्तूबर तक निर्धारित किया था पर मिट्टी की कमी और बारिश के कारण परियोजना पिछड़ गई है। मौजूदा समय में रिंग रोड पर ढांचा तो तैयार कर लिया गया है पर सड़क का काम हाेना बाकी है। सड़क पर बिटुमिन डालने का कार्य अभी किया जाना है, वह बारिश के मौसम में किया नहीं जा सकता है। क्योंकि सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होगी। ऐसे में अंबाला रिंग रोड से गुजरने के बाद अभी लोगों को पांच से छह महीने का और इंतजार करना होगा। यह भी तब है जब बारिश समाप्त होने के बाद एनएचएआई तेजी से काम करे और कोई अड़चन न आए। अगर अड़चन आई तो यह कार्य और भी पिछड़ सकता है।एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक अंबाला रिंग रोड और अंबाला-शामली राजमार्ग परियोजना पर एक साथ काम किया जा रहा है। इन दोनों ही परियोजनाओं पर पिछले साल से ही मिट्टी मिलने में दिक्कत आने लगी थी।
एजेंसी अगर मिट्टी का इंतजाम भी कर रही थी तो उसकी लागत काफी बढ़ रही थी। ऐसे में एक समय तो ऐसा आया जब ठेकेदारों ने काम तक बंद करने पर विचार शुरू कर दिया। इसके बाद एनएचएआई ने सरकार से प्रयास कर टांगरी नदी से मिट्टी की व्यवस्था कराई। इसके बाद जब मिट्टी मिली और काम ने रफ्तार पकड़ी तो बारिश आ गई। जून में आई बारिश से जरूरतभर का ही काम ही हुआ। अभी भी बारिश का मौसम बना हुआ है ऐसे में काम तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। उम्मीद है कि सर्दी का मौसम आते ही एनएचएआई पूरी शक्ति से यह परियोजना पूरी कराएगा।
अंबाला रिंग रोड बनने से चार राज्यों से आने वाला ट्रैफिक हो जाएगा कम : दिल्ली, देहरादून, पंजाब और हिमाचल प्रदेश जाना हो तो अंबाला से गुजर रहे राजमार्ग इस सफर को सुगम बनाते हैं। मगर बीते कुछ वर्षों में अंबाला दिल्ली राजमार्ग पर ट्रैफिक एक लाख वाहन प्रतिदिन का पहुंच गया है। सप्ताह के अंत में यह संख्या बढ़ जाती है। इसी प्रकार अन्य राजमार्गों पर भी अच्छा यातायात है। मगर यह यातायात अंबाला से होकर गुजरता है। इस कारण से वाहन चालकों को कई बार जाम का सामना करना पड़ता है।