वायुसेना प्रमुख नॉरमैन अनिल कुमार ब्राउन ने कहा कि उन्होंने 1979 में अंबाला में ही जगुआर से पहली उड़ान भरी थी। उस वक्त वे फ्लाइंग लेफ्टिनेंट थे और जगुआर कोर कमेटी के सदस्य थे।
उस वक्त उसे ‘बुल्स’ कहा जाता था। वे वीरवार को उतर भारत की सबसे बड़ी वायुसेना एयरफोर्स 7 विंग, अंबाला के 75 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में आए थे।
इस अवसर पर चीफ ऑफ एयरफोर्स स्टाफ नॉरमेन अनिल कुमार ब्राउन बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। उनके साथ उनकी पत्नी और एयरफोर्स वुमन वेलफेयर एसोसिएशन (सेंट्रल) की प्रेसिडेंट किरण ब्राउन भी मौजूद रहीं। इस अवसर पर उन्होंने यहां से जुड़ीं पुराने यादें भी ताजा कीं।
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचने पर वायुसेना प्रमुख का मार्शल ऑफ एयर फोर्स अर्जुन सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। वायुसेना स्थल पर एयर कमोडोर डीके पटनायक, एयर अफसर कमांडिंग एयर फोर्स स्टेशन एवं उनकी पत्नी अनुराधा पटनायक ने मुख्य अतिथि और उनकी धर्मपत्नी की अगुवाई की और पुष्पगुच्छ दिए।
अंबाला में आने के बाद उन्होंने पहले एयरफोर्स स्टेशन के भीतर ही देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान गंवाने वाले शहीदों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि वे अपने सेवाकाल के दौरान अंबाला वायु सेना स्टेशन पर फ्लाइंग लेफ्टिनेंट के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
अंबाला के एयरफोर्स अफसरों ने भी उन्हें बताया कि अंबाला वायु सेना स्टेशन की स्थापना 1 अप्रैल 1938 को कुछ अधिकारियों द्वारा वायु सेना व सेना में सहयोग का प्रशिक्षण देने के लिए की गई थी तथा देश में वायुसेना के गठन एवं विकास में इस स्टेशन का महत्वपूर्ण योगदान है और इसे देश का सर्वश्रेष्ठ वायु सेना स्टेशन माना गया है।
अंबाला में ब्राउन को दी विदाई पार्टी
अंबाला में चीफ ऑफ एयर स्टाफ इंडिया को एयरफोर्स अफसरों ने फेयरवेल यानी विदाई पार्टी भी दी। इस अवसर उन्हें यहां सम्मानित भी किया गया और सभी के साथ उन्होंने अपने अनुभव भी सांझे किए।
पार्टी के दौरान विभिन्न कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। उल्लेखनीय है कि नॉरमैन अनिल कुमार ब्राउन के बाद अगले चीफ ऑफ एयर स्टाफ इंडिया अरूप राहा को घोषित किया जा चुका है। करतब देख सभी रह गए दंग अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के भीतर इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जहां वायुसेना कर्मियों ने हवाई करतब दिखाए, वहीं उनके द्वारा पैराशूट से तिरंगा बनातेे हुए नीचे उतरने का दृश्य भी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। सभी ने इस खूब सराहा। जबकि इस दौरान विभिन्न कार्यक्रम भी पेश किए गए।