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Ambala News: दो साल बाद टांगरी में फिर बाढ़, अंबाला की 40 कॉलाेनियों में सैकड़ों घर जलमग्न

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माई सिटी रिपोर्टर
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अंबाला। टांगरी नदी के समीप बनी अंबाला छावनी की कॉलोनियों ने दो साल बाद शुक्रवार को फिर बाढ़ का मंजर देखा। सुबह के 9 बजे तक टांगरी नदी का जलस्तर 6 फीट था जो देखते ही देखते 11 बजे तक 9 फीट तक पहुंच गया, इसके बाद तो दोपहर तक लगातार जलस्तर में इजाफा होता दिखाई दिया। टांगरी में दोपहर तीन बजे तक क्षमता से भी अधिक 38 हजार क्यूसेक पानी पहाड़ों से आ गया, जिससे 40 से अधिक कॉलोनियां बाढ़ की चपेट में आ गईं। नदी का पानी और मलवा लोगों के घरों में घुस गया।
जलस्तर बढ़ता देख जहां सुबह ही प्रशासन ने छावनी के स्कूलों का अवकाश कर दिया था तो वहीं लोगों को भी जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का अलर्ट जारी कर दिया। अलर्ट के बावजूद काॅलोनियों में लाेग अपने सामान को नहीं बचा पाए और देखते ही देखते उनके घरों में टांगरी का पानी घुस गया। लोग घर की छत पर कैद होकर रह गए, जो निकल सके वह जैसे तैसे कुछ बैग कपड़े ही साथ ला सके। हालात यह हैं कि अब टांगरी के पास बांध पर लोग अपना सामान और बच्चों को लेकर पानी कम होने के इंतजार में बैठे हैं।
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सूचना मिलने पर ऊर्जा मंत्री भी पहुंचे

सुबह 8 बजे पहाड़ों से अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने का अलर्ट आया, वैसे ही प्रशासनिक अमला टांगरी बांध पर पहुंच गया, इसके साथ ही ऊर्जा परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज भी मौके पर पहुंचे और हालात देखे। ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने सुबह 10:20 बजे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए नदी की जद में बसी कॉलोनियों से लोगों को जरूरी सामान लेकर बाहर निकालना शुरू करें, इसके बाद वह टांगरी नदी पर बने चंदपुरा बांध पर गए, इसके बाद पंप हाउस का भी जाएजा लिया, इसके साथ ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए।


बचाव अभियान चलाया

दोपहर 12 बजे के बाद जब टांगरी का जलस्तर 10 फीट को भी पार कर गया तो बचाव दल में शामिल राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने अपना अभियान शुरू कर दिया। लोगों को उनके घरों से निकालने के लिए वोट लेकर एक के बाद एक दल कॉलोनियों में चक्कर लगाने लगे। इस दौरान कई महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों काे बचाया गया, वहीं स्थानीय लोग भी मदद का हाथ बढ़ाते दिखाई दिए। इसी दौरान सूचना मिली कि चंदपुरा बांध के साथ बनी सड़क से पानी बहना शुरू हो गया ऐसे में अस्थायी रूप से पानी को बांध बनाकर रोका गया। शाम सात बजे के बाद टांगरी का पानी कम होता दिखा।
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वर्ष 2023 में बाढ़ ने मचाई थी तबाही

वर्ष 2023 में जुलाई में पहाड़ों पर अत्यधिक बारिश से अंबाला की टांगरी, घग्गर और मारकंडा नदी में बाढ़ आ गई थी, जिसमें सबसे अधिक नुकसान अंबाला छावनी में टांगरी नदी के पास बनी कॉलोनियों के लोगों को हुआ था। तब भी इस बार की तरह बांध तक पानी आ गया था। हालांकि उस समय रात्रि के समय पानी आने से बचाव अभियान चलाने में काफी दिक्कत हुई थी। इस बार दिन के समय पानी आने से बचाव दल को लोगों को निकालने में आसानी रही, वहीं उस समय भी एक मंजिल तक पानी में घर डूब गए थे। लोगों का सामान पूरी तरह से बर्बाद हो गया था।
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