अंबाला। डिजिटल दौर में साइबर ठगों ने मोबाइल के ऑटो-अपडेट सिस्टम को ठगी का नया हथियार बना लिया है। अंबाला कैंट के गोबिंद नगर से साइबर अपराध का एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां मोबाइल अपडेट होने के महज आधे घंटे में एक घरेलू महिला के खाते से 98 हजार रुपये निकल गए। पुलिस ने महिला की शिकायत पर अज्ञात हैकरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोबिन्द नगर निवासी 38 वर्षीय स्नेहा गुप्ता ने साइबर क्राइम थाने में दी अपनी शिकायत में बताया कि 21 मई की सुबह करीब 10:35 बजे उनका मोबाइल फोन उनकी 9 वर्षीय बेटी गौरी के पास था। इसी दौरान मोबाइल स्क्रीन पर अचानक सॉफ्टवेयर अपडेट का नोटिफिकेशन आया और फोन अपने आप अपडेट होने लगा। कुछ ही देर में मोबाइल बंद हो गया। पीड़िता के मुताबिक, करीब आधे घंटे तक उन्होंने फोन को शुरू करने की कोशिश की, लेकिन स्क्रीन ब्लैक रही। लगभग 30 मिनट के बाद जब मोबाइल अपने आप ऑन हुआ, तो स्नेहा के होश उड़ गए। फोन की स्क्रीन लाइट जलते ही उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर बैंक से पैसे कटने का मैसेज फ्लैश हुआ। अज्ञात साइबर ठगों ने उनका फोन हैक कर खाते से 98,000 रुपये निकाल लिए। संवाद
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डर के मारे रीसेट कर दिया फोन
ठगी का अहसास होते ही पीड़िता घबरा गई और उसने आनन-फानन में अपना मोबाइल फोन पूरी तरह से रीसेट कर दिया। इस जल्दबाजी के कारण साइबर पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है, क्योंकि फोन रीसेट होने से हैकिंग से जुड़ा सारा डिजिटल डेटा और तकनीकी सबूत डिलीट हो गए। पीड़िता ने घटना वाले दिन यानी 21 मई को ही तुरंत सतर्कता दिखाते हुए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 28 मई को पीड़िता ने खुद थाने पहुंचकर अपने लिखित बयान दर्ज कराए।