अंबाला सिटी। दो दिन पहले आई बरसात किसानों के लिए आफत बन गई है। गेहूं के खेत पानी से भर रहे हैं। खेतों से पानी निकासी के जो साधन बने हुए थे वह नाले अटे हैं। इस कारण खेतों से पानी की निकासी सही रूप से नहीं हो रही। कई किसान खेतों में बनी अपनी खालों को साफ करने में लगे हुए हैं। दूसरी ओर कई किसान अपने प्राचीन साधनों जैसे ढाल आदि से खेतों से पानी निकाल रहे हैं। इस साधनों में इंजन, डीजल आदि की तो बचत है लेकिन किसान सुबह से रात तक अपने खेत में खड़ा रह कर इस साधन से नाले में खेत को खाली करने के लिए पानी गिराता रहता है। गेहूं की बालियों में अभी दाना नहीं जमा था ऐसे में यह स्पष्ट है कि प्रति एकड़ गेहूं की औसत भी कम होगी।
मोहडी, जलबेहडा, रवालों, लदाना, धुराला, धुराली उगाड़ा गावों के किसानों ने सरकार से अनुरोध किया है कि वह उनकी नष्ट हुई फसलों का जल्द सर्वे करवाएं ताकि उन्हें उचित मुआवजा प्राप्त हो सके। जिला के अन्य कस्बों में बरसात से गेहूं के साथ-साथ अन्य फसलों को भी नुकसान हुआ है। जिसमें जौ, सरसों, तोडिया, प्याज आदि की फसलें शामिल हैं। दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई जिलों में हुए नुकसान को देखते हुए गिरदावरी व मुआवजे की बात भी कही है।किसानों की मानें तो गेहूं अबकी बार बहुत अच्छी चल रही थी लेकिन हवाओं के साथ बरसात ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस बारे गेहूं पर प्रति एकड़ 20 से 22 हजार का खर्च कर दिया है। वर्तमान में तबाह हुई फसल को देखकर उन्हें यह भी उम्मीद नहीं है कि उनका खर्च भी पूरा हो जाएगा या नहीं। ऐसे वह सरकार से आशा करते है कि वह उन्हें मुआवजा देकर राहत प्रदान करें।
इस बारे में संत राम ने बताया कि तेज बरसात के कारण उनकी गेहूं की फसल धरती पर बिछ गई है। जिस कारण उन्हें हजारों का नुकसान हो सकता है। नछत्र सिंह ने बताया कि बरसात के कारण कई एकड़ फसल खराब हो चुकी है।हजारों का खर्च हो चुका है लेकिन वापसी की कोई उम्मीद नहीं है।सरकार मुआवजा देकर इस घाटे का पूरा कर सकती है। सुरजीत सिंह ने बताया कि गेहूं अब पकने वाली थी कि ऐसे में तेज हवाएं व बरसात ने उनकी फसल को बर्बाद कर दिया। सरकार को खराब हुई फसल की गिरदावरी करवानी चाहिए। हरदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने गेहूं की नई किस्में लगाई थी जिनकी प्रति एकड़ औसत भी अन्य बीजों की अपेक्षा ज्यादा थी लेकिन बरसात के कारण फसल गिर जाने से उन्हें नुकसान उठाना पडेगा।
वर्जन
बरसात के कारण ज्यादा नुकसान नहीं है। केवल 25 प्रतिशत नुकसान आंका गया है। तोडिया सरसों आदि की फसलों में गेहूं से कुछ ज्यादा नुकसान है।
जसविंद्र सिंह, डीडीए कृषि विभाग अंबाला।