फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

50 परिवार करेंगे शिवलिंग पर पूजन : पं.भगवती

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला सिटी। आगामी 8 मार्च को होने वाले महाशिवरात्रि पर्व को लेकर शहर के विभिन्न मंदिर भवनों में इस बार यह महापर्व बड़ी ही धूमधाम से मनाए जाएगें। इस कड़ी में शहर के कई शिवालयों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं।
विज्ञापन

महापर्व के इस पावन अवसर पर सिटी सेक्टर-7 स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में 51 मिट्टी के शिवलिंग तैयार कर विधिवत पूजा अर्चना के कार्यक्रम किए जाएंगे। इस मौके पर मंदिर के मुख्य पुजारी पं. भगवती प्रसाद ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर परिसर चार पहर की पूजा की जाएगी। जिसमें सर्वप्रथम पहले व दूसरे पहर की पूजा-अर्चना के कार्यक्रम शाम चार बजे से प्रारंभ होंगे। दोनों पहर की पूजा में 25-25 परिवार विधिवत भाग लेने के लिए पहुंचेंगे। इस दौरान मिट्टी से बने शिवलिंग पर पूजा के कार्यक्रम करवाए जाएंगे।
अंबाला सिटी के सेक्टर-9 स्थित श्री महादेव मंदिर एवं सत्संग भवन में भी महाशिवरात्रि का पर्व बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि पर्व शहर के रामबाग स्थित प्राचीन शिव मंदिर, रामनगर के श्री गोरक्ष नाथ टिल्ला मंदिर, नारायणगढ़ रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित शिव मंदिर, लक्ष्मी नगर स्थित शिव मंदिर सहित दर्जनों मंदिरों में महाशिवरात्रि का पर्व बड़ी श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा।
विज्ञापन


फोटो नंबर-34
कोट्स
सिटी सेक्टर-7 स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर के पुजारी पं. भगवती प्रसाद पुरोहित ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व भक्तों द्वारा विभिन्न प्रकार से मनाया जाएगा। इस महापर्व में पार्थिव पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। जिसकी पूजा-अर्चना करने से विभिन्न प्रकार के फल व आशीर्वाद की प्राप्ति होना संभव है। इस दिन मिट्टी के शिवलिंग भक्तों को जरूर बनाना चाहिए। पार्थिव शिवलिंग लिए गंगाजल, पंचामृत, गाय का गोबर, भस्म आदि का मिश्रण तैयार करके बनाया जाता है। शिवलिंग तैयार करने के दौरान भोलेनाथ के मंत्रों को जाप करना चाहिए, वहीं शिवलिंग की ऊंचाई करीब 12 इंच होनी चाहिए। पूजन आदि करने के समय शिवलिंग का मुंह उत्तर दिशा में होना चाहिए।

फोटो नंबर-35
कोट्स
सिटी सेक्टर-9 स्थित श्री महादेव मंदिर एवं सत्संग भवन के पुजारी पं. दिनेश शास्त्री ने बताया कि महाशिवरात्रि पर तैयार किए जाने वाले पार्थिव शिवलिंग की ऊंचाई ज्यादा नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ज्यादा ऊंचाई वाले शिवलिंग पर पूजन आदि करने से पुण्य फल की प्राप्ति नहीं होगी। वहीं शिव पुराण के अनुसार शिवलिंग पर चढ़ाए गए जल को प्रसाद के रूप में ग्रहण कर सकते हैं और ऐसा करना बहुत ही शुभ माना गया और भक्तों को विभिन्न प्रकार के रोगों से भी मुक्ति मिलने का वरदान भी भगवान शिव प्रदान करते हैं। यह शिव पुराण के 22 अध्याय के 18 श्लोक में बताया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें