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Ambala News: जुर्माने के बाद सीवर निस्तारण के लिए दौड़े विभाग

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अंबाला। हिमाचल से निकलने वाली मारकंडा नदी में जल प्रदूषण का मामला बढ़ता ही जा रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी में मामले की सुनवाई चल रही है। इस नदी में सीवरेज गिरने के मामले जब एनजीटी की ओर से गठित संयुक्त समिति ने उजागर किए तो विभागों पर एनजीटी ने जुर्माने भी लगाए।
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यहां तक कि कालाआम्ब स्थित उद्याेगों को इस केस में पक्षकार भी बनाया गया और उनसे जवाब भी लिया गया। इसी प्रकार जब विभागों पर नदी में सीवरेज का पानी न गिरने देने और गंदे पानी के निस्तारण को लेकर सख्ती हुई तो अब विभाग भी अपनी ठीक चाल चलते दिख रहे हैं। हाल ही में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस मामले को लेकर एनजीटी को अपनी रिपोर्ट पेश की है। जिसमें सीवरेज निस्तारण को लेकर विभाग अब काम करते बताए जा रहे हैं।

नरायणगढ़ मिल करेगा अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त

एचएसआईआईडीसी से जुड़े तीन सीईटीपी को लेकर संयुक्त समिति को कमियां मिली थी। यह कमियां पानी की सैंपलिंग के बाद जांच में सामने आईं थी। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नियमानुसार 12 लाख रुपये का जुर्माना प्रस्तावित किया था। तब से वर्तमान तक अब विभाग पटरी पर आ गया है। इसी प्रकार नारायणगढ़ शुगर मिल इटीपी को लेकर 6 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया। जिसे मिल प्रशासन ने भरवा दिया है। वहीं ईटीपी बनाने को एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। इसके साथ ही मिल प्रबंधन ने आश्वासन जताया है कि वह गन्ना की पैराई से पहले व्यवस्था ठीक कर ली जाएंगी।
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बन रहे 44 एमएलडी क्षमता के चार एसटीपी

रिपोर्ट में बताया गया है कि अंबाला सदर क्षेत्र में 44 एमएलडी क्षमता के चार एसटीपी बन रहे हैं। जिसमें 12 क्रास रोड और खुड्डा खुर्द में दो एसटीपी बन रहे हैं। जिनका काम मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसी प्रकार मच्छौंडा और बब्याल में दो एसटीपी भी लगभग तैयार ही हैं। जिसमें बब्याल एसटीपी का ट्रायल चल रहा है। इन सभी एसटीपी के माध्यम से जो घरेलू सीवरेज महेश नगर ड्रेन में गिर रहा है उस पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
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